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सूखे के बावजूद डड़ा बिष्ट गांव में हुई उम्दा पैदावार
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 13 May 2016 10:14 PM IST
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उम्दा पैदावार
- फोटो : अमर उजाला
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सूखे की मार का डड़ा बिष्ट गांव के कुछ हिस्सों में कोई असर नहीं पड़ा है। यह हल शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी जेएस राठौर की मौजूदगी में गांव के किसान जगदीश चंद्र बिष्ट के खेत में हुई क्रॉप कटिंग से निकला। यहां 30 वर्ग मीटर का प्लॉट बनाकर क्रॉप कटिंग की गई। तो उसमें औसत से ज्यादा पैदावार निकली। इसकी वजह उम्दा बीज लगाया जाना बताया गया।
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अपर सांख्यिकी अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि क्रॉप कटिंग में 30 वर्ग मीटर में 12.25 किलोग्राम मिली। जबकि सामान्यत: पर्वतीय क्षेत्र में इतने एरिया में पैदावार 8 से 9 किलोग्राम होती है। काश्तकार जगदीश चंद्र बिष्ट ने बताया कि खेत में किसान महोत्सव से मिले बीज यूपी 2572 डाले गए थे। वहीं स्थानीय बीज वाली गेहूं की फसल बारिश न होने से करीब 60 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। एडीएम जेएस राठौर ने ग्रामीणों से कृषि विभाग से प्राप्त उन्नत किस्म का गेहूं का बीज और जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दी। बाद में उन्होंने गांवों में पेयजल और रास्तों से संबंधित समस्याओं को दूर करने के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।
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इस मौके पर सहायक सांख्यिकी अधिकारी जुगल किशोर पांडेय, राजस्व निरीक्षक हरीश जोशी, उप निरीक्षक सुंदर नेगी, ग्राम प्रधान पुष्पा नेगी के अलावा तमाम ग्रामीण मौजूद थे। बताया गया कि क्रॉप कटिंग प्रयोगों के आधार पर तहसील को इकाई मानते हुए फसल विशेष का तहसीलवार उत्पादन का आकलन कर आंकड़ों की गणना की जाती है।
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