{"_id":"6241f5cc3eae2d22322ac512","slug":"demand-for-water-in-badabey-champawat-news-hld45772066","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुजरी और चूड़ी तोक में गहराया पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुजरी और चूड़ी तोक में गहराया पेयजल संकट
विज्ञापन
पेयजल समस्या से जूझ रहे बड़ाबे हलतस्या के ग्रामीण पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। पेयजल किल्लत से जूझ रहे बड़ाबे हलतस्या के ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से जल्द पेयजल दिलाने की मांग की। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी।
बड़ाबे हलतस्या के ग्रामीण सोमवार को जगदीश कोहली के नेतृत्व में पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह गांव में 1965 से रह रहे हैं। गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाई गई थी, जिसे झील निर्माण के दौरान तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रहीं हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान से पेयजल मांगा लेकिन वह समस्या नहीं सुलझा सके। उन्होंने कहा कि अपने पीने के लिए तो वह किसी तरह पेयजल जुटा ले रहे हैं, लेकिन मवेशियों के लिए पेयजल जुटाने में उन्हें काफी परेशानी हो रही। इस मौके पर आशीष कोहली, जगदीश प्रसाद, केदार राम, पुष्कर राम, किशोर प्रसाद, हेमंत प्रसाद, सुनीता देवी, कमला देवी, शांति देवी, मंजू देवी, महेश आदि रहे।
जुजरी और चूड़ी तोक में गहराया पेयजल संकट
चंपावत। जिले में गर्मी का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संस्थान की ओर से वैकल्पिक इंतजाम का दावा किया जा रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सीमांत गुमदेश क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। गुमदेश के मल्ला जुजरी, तल्ला जुजरी और चूड़ी तोक के ग्रामीणों को छह माह से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है। जुजरी और सोराड़ के लिए बनी पेयजल योजना अक्तूबर में अतिवृष्टि से ध्वस्त हो गई थी, जिसे नहीं सुधारा जा सका है। जिस कारण ग्रामीणों को पांच किमी दूर स्थित नौले से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रहलाद राम, नाथ राम, दीवान राम, लक्ष्मण राम, राजेंद्र राम, गुमान सिंह आदि का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को कई बार इसकी सूचना दी जा चुकी है लेकिन कार्रवाई न होने से ग्रामीणों को दिक्क्तों से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि लोहाघाट के एई को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन का निरीक्षण और मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
पिकअप और टैंकरों के माध्यम से बांटा जाएगा पानी
चंपावत। जल संस्थान की ओर से जिले में गर्मियों में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए अभावग्रस्त क्षेत्रों में पिकअप और टैंकरों के माध्यम से पेयजल बांटा जाएगा। इसकी कार्ययोजना मंजूरी के लिए भेजी गई है। विभाग के दो टैंकरों के अलावा सात से अधिक पिकअप वाहनों के माध्यम से पेयजल बांटा जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
विज्ञापन
बड़ाबे हलतस्या के ग्रामीण सोमवार को जगदीश कोहली के नेतृत्व में पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह गांव में 1965 से रह रहे हैं। गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाई गई थी, जिसे झील निर्माण के दौरान तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रहीं हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान से पेयजल मांगा लेकिन वह समस्या नहीं सुलझा सके। उन्होंने कहा कि अपने पीने के लिए तो वह किसी तरह पेयजल जुटा ले रहे हैं, लेकिन मवेशियों के लिए पेयजल जुटाने में उन्हें काफी परेशानी हो रही। इस मौके पर आशीष कोहली, जगदीश प्रसाद, केदार राम, पुष्कर राम, किशोर प्रसाद, हेमंत प्रसाद, सुनीता देवी, कमला देवी, शांति देवी, मंजू देवी, महेश आदि रहे।
विज्ञापन
जुजरी और चूड़ी तोक में गहराया पेयजल संकट
चंपावत। जिले में गर्मी का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संस्थान की ओर से वैकल्पिक इंतजाम का दावा किया जा रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सीमांत गुमदेश क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहराने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। गुमदेश के मल्ला जुजरी, तल्ला जुजरी और चूड़ी तोक के ग्रामीणों को छह माह से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है। जुजरी और सोराड़ के लिए बनी पेयजल योजना अक्तूबर में अतिवृष्टि से ध्वस्त हो गई थी, जिसे नहीं सुधारा जा सका है। जिस कारण ग्रामीणों को पांच किमी दूर स्थित नौले से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रहलाद राम, नाथ राम, दीवान राम, लक्ष्मण राम, राजेंद्र राम, गुमान सिंह आदि का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को कई बार इसकी सूचना दी जा चुकी है लेकिन कार्रवाई न होने से ग्रामीणों को दिक्क्तों से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस ने बताया कि लोहाघाट के एई को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन का निरीक्षण और मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
पिकअप और टैंकरों के माध्यम से बांटा जाएगा पानी
चंपावत। जल संस्थान की ओर से जिले में गर्मियों में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए अभावग्रस्त क्षेत्रों में पिकअप और टैंकरों के माध्यम से पेयजल बांटा जाएगा। इसकी कार्ययोजना मंजूरी के लिए भेजी गई है। विभाग के दो टैंकरों के अलावा सात से अधिक पिकअप वाहनों के माध्यम से पेयजल बांटा जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।