फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Demand For More Kanyadhan

कन्याधन योजना का लाभ न मिलने पर छात्राएं करेंगी चुनाव बहिष्कार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 01:06 AM IST
विज्ञापन
Demand For More Kanyadhan
गौरा देवी कन्याधन योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर लोहाघाट में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करती यो - फोटो : LOHAGHAT
चंपावत/लोहाघाट। गौरा देवी कन्याधन योजना से वंचित छात्राओं में गुस्सा है। वर्ष 2017 में इंटर पास कर चुकीं इन छात्राओं ने शनिवार को चंपावत और लोहाघाट में प्रदर्शन कर विरोध जताया। लोहाघाट में रोडवेज स्टेशन के पास छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार की भी चेतावनी दी। चंपावत में प्रभारी डीपीओ लक्ष्मी पंत का घेराव भी किया गया।
विज्ञापन

छात्राओं का आरोप है कि उन्हें साढ़े चार साल बाद नाकाफी राशि देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन 50 हजार रुपये के बजाय सिर्फ पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। योगिता, पूजा मेहता, पूजा बोहरा, सुमन, किरन बोहरा, विमला, कुसुम फर्त्याल, गरिमा शर्मा, मनीषा मेहता, संजना ढेक, अंजलि टम्टा आदि ने एडीएम के जरिये मुख्यमंत्री को इस आशय का ज्ञापन भी भेजा।
विज्ञापन

वहीं लोहाघाट में नेहा फर्त्याल, कविता बिष्ट, प्रीति फर्त्याल, रुचि करायत, राखी करायत, दीक्षा मुरारी आदि छात्राओं ने प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी के लोहाघाट क्षेत्र प्रभारी राजेश बिष्ट का कहना है कि योजना के पूरी रकम छात्राओं को दिलाने के लिए पार्टी आंदोलन चलाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

छात्राओं की ये है आपत्ति
1. 2016 तक 51 हजार रुपये दिए जाते थे और फिर 2019 से फिर 51 हजार रुपये दिए जा रहे हैं लेकिन 2017 की छात्राओं को पांच हजार रुपये देकर ये नाइंसाफी क्यों?
2. 2017 में इंटर पास छात्राओं को साढ़े चार साल तक नहीं मिली गई योजना की रकम। देरी के बावजूद उन्हें ब्याज क्यों नहीं?
3. सरकार ने चुनाव के मद्देनजर ये कदम उठाया है लेकिन इसमें भी छात्राओं के हित की अनदेखी की गई है। इंटर पास करने पर पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। डिप्लोमा या स्नातक करने पर दस हजार और विवाह होने पर 16 हजार रुपये (यानी स्नातक के बाद ब्याह होने पर भी कुल 31 हजार रुपये) मिलेंगे।
4. तीनों मामलों में अलग आवेदन जमा करने की पेचीदगियां। तीन हजार रुपये मासिक का आय प्रमाणपत्र साढ़े चार साल बाद का जमा करना होगा जबकि कई छात्राओं के परिवार की 2017 से अब आय बढ़ने पर प्रमाणपत्र बनना मुश्किल होगा। छात्राओं के माता-पिता के आधार नंबर, पेन कार्ड की प्रति पेन कार्ड न होने पर पेन कार्ड के लिए आयकर विभाग में आवेदन की रसीद जमा कराना होगा।
ये देर आयद लेकिन दुरुस्त नहीं का नमूना है। छात्राओं के साथ दोहरी नाइंसाफी है। न वक्त पर रकम मिली और नहीं पूरी राशि मिलेगी।
मनीषा मेहता, छात्रा।
योजना के लाभ में देरी और वह भी आधी-अधूरी। सरकार के इस रवैये से छात्राओं का मनोबल गिरा है। उन्हें पूरी रकम दी जानी चाहिए।
संजना ढेक, छात्रा।
2017 में इंटर पास छात्राओं और उनके परिजनों ने योजना के लाभ के लिए लंबी जंग लड़ी। और इसे ऐन चुनाव के पहले लागू तो किया जा रहा है, लेकिन अधूरे रूप में।

अंजलि टम्टा, छात्रा।
2017 में इसलिए नहीं मिला था योजना का लाभ
चंपावत। वर्ष 2017 में इंटर कर चुकी छात्राओं को योजना का लाभ न मिलने की वजह तब नया जीओ जारी होना था। जुलाई 2017 में कन्या धन योजना को नंदा देवी योजना में एकीकृत कर नंदा गौरा योजना में बदल संचालन की जिम्मेदारी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग को दी। विभाग को इस नई योजना के संचालन की जिम्मेदारी जुलाई 2017 से दी गई थी जबकि इससे पूर्व मार्च 2017 तक नंदा देवी योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग करती थी लेकिन अप्रैल से जून की अवधि में इस योजना का कोई खैरख्वाह नहीं रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed