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अंतरराष्ट्रीय महत्व का मार्ग खस्ताहाल

Fri, 19 Feb 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बनबसा
ब्यूरो/अमर उजाला,बनबसा Updated Fri, 19 Feb 2016 10:55 PM IST
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Decaying way of international importance

यूपी सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र वाले भारत-नेपाल के बीच का अंतरराष्ट्रीय महत्व का मार्ग खस्ताहाल हो गया है। सड़क जगह-जगह उधड़ने के साथ ही गहरे गड्ढों में तब्दील होने लगी है। तीन वर्ष पहले बनी बैराज से भारत-नेपाल सीमा पिलर संख्या सात तक भी सड़क क्षतिग्रस्त होने लगी है।

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एनएचपीसी गेट से शारदा बैराज, बैराज से भारत-नेपाल पिलर संख्या सात और कैनाल गेट से लोहियाहेड पावर हाउस तक के मार्ग खस्ताहाल हो चुके हैं। बता दें कि यह मार्ग यूपी सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में हैं। कैनाल गेट से लोहियाहेड तक शारदा नहर किनारे के संपर्क मार्ग को पिछले दो दशकों से दुरुस्त नहीं किया गया है। हालांकि, एनएचपीसी गेट से बैराज और बैराज से सात नंबर पिलर तक के मार्गों का जीर्णोद्धार वर्ष 2012-13 वित्तीय वर्ष में 50 लाख की लागत से कराया गया था, लेकिन अब यह सड़क वाहनों के आवागमन लायक नहीं रही। जगह-जगह गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। वर्ष 2012 में करीब 25 लाख की लागत ने निर्मित बैराज से सात नंबर पिलर तक का मार्ग भी खस्ताहाल होने लगा है।
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तीनों मार्गों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है, पैसा मिलते ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। भारत-नेपाल के बीच के मार्ग तांगों के कारण ही जल्द क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इस मार्ग की सुरक्षा के लिए तांगों के संचालन पर रोक जरूरी है। -बीएस यादव, एसडीओ, शारदा हेडवर्क्स (बनबसा)

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