फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Debris near Swan dropped from rain

बारिश से स्वांला के पास मलबा गिरा

Sun, 02 Jul 2017 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Sun, 02 Jul 2017 10:06 PM IST
विज्ञापन
Debris near Swan dropped from rain
स्वाला के समीप एनएच में आए मलबे को हटाती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
रविवार को चंपावत सहित यहां पहाड़ पर झमाझम बारिश हुई। तेज बारिश से कुछ मार्गों में आए मलबे ने संपर्क मार्ग को बाधित किया। शाम को मार्ग आवाजाही के लिए खोल दिया गया। भारी बारिश से जनजीवन भी काफी देर तक अस्त-व्यस्त रहा। रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश अपरान्ह करीब एक बजे रुकी। बारिश की वजह से टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्वांला के पास मलबा आ गया। इसके चलते करीब दो घंटे बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। अलबत्ता इस दौरान जीप, कार और छोटे वाहन चलते रहे।

एनएच खंड के जेसीबी से मलबे को हटाने के बाद सभी तरह के वाहनों के लिए आवाजाही शुरू हो सकी। वहीं चंपावत-खेतीखान, सिप्टी-न्याड़ी मार्गों पर भी मलबा आने से करीब तीन घंटे आवाजाही प्रभावित हुई। लोक निर्माण विभाग के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि दोनों स्थानों पर जेसीबी लगाकर मलबे को हटाकर मार्ग को यातायात लायक बनाया गया। लोाहघाट में झमाझम बारिश से नदी, नाले उफान पर आए। क्षेत्र की कुछ नालियां चोक होने से सारी गंदगी सड़कों पर आने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
विज्ञापन



स्थान        वर्षा (एमएम में)
चंपावत          10
लोहाघाट          8
पाटी               7
बनबसा          61
बाक्स

खेती के लिए फायदेमंद है बारिश
लोहाघाट। एडीओ (उद्यान) भूपेंद्र प्रकाश जोशी का कहना है कि बारिश किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। बारिश से शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, टमाटर, बैगन, हरी मिर्च की खेती को फायदा होगा। किसानों को खेतों में लगाए गए सब्जी के पौधों की समय-समय पर निराई-गुड़ाई करने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



जिले में दो नए वर्षामापी यंत्र लगे
चंपावत जिले में अब दो नए वर्षामापी यंत्र लग गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि लोहाघाट एवं पाटी तहसील में भी वर्षामापी यंत्र लगा दिए गए हैं। इसी के साथ जिले में अब वर्षामापी यंत्रों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई है। चंपावत में दो और बनबसा में एक वर्षामापी यंत्र पहले से ही है। बताया गया कि जल्द ही बाराकोट उप तहसील में भी वर्षामापी यंत्र लगाया जाएगा। इससे जिले भर में हुई बारिश की सटीक जानकारी मिलने में आसानी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed