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भारत-नेपाल सीमा में नगरूघाट में महाकाली नदी मे पलटी लोगों से भरी नाव
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भारत नेपाल सीमा में महाकाली नदी में इस तरह नाव से लोगों को आर पार कराते नाविक।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट में भारत-नेपाल सीमा से लगे कुसमौद के नगरुघाट के पास महाकाली नदी में लोगों से भरी एक नाव पलटने से उसमें सवार एक किशोरी की मौत हो गई और एक बालक नदी की तेज धारा में बह गया। नदी में बहे बच्चे की तलाश के लिए नेपाल-प्रशासन समेत पुलिस और एसएसबी विशेष अभियान चला रही है।
नेपाल की ओर से बुधवार शाम एक नाव भारत की ओर आ रही थी। इस नाव से महाकाली अंचल नेपाल के ग्राम गोंडा निवासी चकर सिंह (40) अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ आ रहा था। वह नेपाल में पूजा करके पंजाब लौटने वाला था। इस नाव में नाविकों सहित कुल 10 लोग सवार थे। इसी दौरान नगरुघाट के पास नदी की मध्य धारा में नाव पलट गई। इससे उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए।
चकर सिंह, इंदिरा देवी, सागर और नाविक जैसे-तैसे तैरकर सकुशल बाहर आ गए, जबकि चकर सिंह की बेटी मीना (13) और संदीप (8) नदी की तेज धारा में बह गए। घटनास्थल से कुछ दूरी पर नेपाल पुलिस ने मीना का शव बरामद कर लिया जबकि संदीप की ढूंढखोज की जा रही है।
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सूचना मिलते ही एसडीएम केएन गोस्वामी दल बल के साथ मौके की ओर रवाना हो गए। एसडीएम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर शारदा नदी में नाव चलाना अवैध है। नदी में चलने वाली नावों को रोकने के लिए पुलिस और एससबी को निर्देशित कर दिया गया है।
दिन भर में कई चक्कर लगाते हैं नाव संचालक
लोहाघाट (चंपावत)। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरुघाट में महाकाली नदी के तट से नेपाल की दूरी करीब 100 मीटर है। यहां नेपाली नागरिकों की ओर से नावों का संचालन कर यात्रियों को नेपाल से भारत और भारत से नेपाल के लिए महाकाली नदी पार कराई जाती है। इसके एवज में प्रति व्यक्ति करीब 50 रुपये लिए जाते हैं। दिन भर में नाव संचालक कई चक्कर लगाते हैं।
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नेपाल की ओर से बुधवार शाम एक नाव भारत की ओर आ रही थी। इस नाव से महाकाली अंचल नेपाल के ग्राम गोंडा निवासी चकर सिंह (40) अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ आ रहा था। वह नेपाल में पूजा करके पंजाब लौटने वाला था। इस नाव में नाविकों सहित कुल 10 लोग सवार थे। इसी दौरान नगरुघाट के पास नदी की मध्य धारा में नाव पलट गई। इससे उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए।
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चकर सिंह, इंदिरा देवी, सागर और नाविक जैसे-तैसे तैरकर सकुशल बाहर आ गए, जबकि चकर सिंह की बेटी मीना (13) और संदीप (8) नदी की तेज धारा में बह गए। घटनास्थल से कुछ दूरी पर नेपाल पुलिस ने मीना का शव बरामद कर लिया जबकि संदीप की ढूंढखोज की जा रही है।
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सूचना मिलते ही एसडीएम केएन गोस्वामी दल बल के साथ मौके की ओर रवाना हो गए। एसडीएम ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर शारदा नदी में नाव चलाना अवैध है। नदी में चलने वाली नावों को रोकने के लिए पुलिस और एससबी को निर्देशित कर दिया गया है।
दिन भर में कई चक्कर लगाते हैं नाव संचालक
लोहाघाट (चंपावत)। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरुघाट में महाकाली नदी के तट से नेपाल की दूरी करीब 100 मीटर है। यहां नेपाली नागरिकों की ओर से नावों का संचालन कर यात्रियों को नेपाल से भारत और भारत से नेपाल के लिए महाकाली नदी पार कराई जाती है। इसके एवज में प्रति व्यक्ति करीब 50 रुपये लिए जाते हैं। दिन भर में नाव संचालक कई चक्कर लगाते हैं।

भारत नेपाल सीमा में महाकाली नदी में पलटी नाव।- फोटो : LOHAGHAT