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एक नहीं छह चरण में होगा एसडीएम सड़क का डामरीकरण
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Damarikaran in SDM Road Champawat
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चंपावत। सड़क के लिए पहाड़ कटिंग होने के छह साल बाद भी सूखीढांग-डांडा-मीनार (एसडीएम) सड़क का डामरीकरण नहीं हो सका है। ये हाल भी तब है, जब सवा दो साल पहले फरवरी 2020 में चंपावत दौरे पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डामरीकरण का एलान किया था। कुछ समय पहले लोक निर्माण विभाग ने डामरीकरण का प्रस्ताव भेजा है।
एसडीएम सड़क की कटिंग वर्ष 2016 में 15 करोड़ रुपये से पूरी हुई थी। डामरीकरण के मुख्यमंत्री के एलान के बाद यह सड़क लोनिवि और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के बीच झूलती रही। पहले लोनिवि, फिर पीएमजीएसवाई और अब फिर से लोनिवि ने सड़क पर डामरीकरण की कार्रवाई शुरू की है। लोनिवि के ईई एमसी पांडेय ने बताया कि 30 किमी लंबी सड़क पर डामर किया जाएगा। अब इस सड़क पर एक साथ नहीं, बल्कि छह प्रस्ताव बनाए जाएंगे। पांच-पांच किमी के डामरीकरण के हर प्रस्ताव में करीब तीन करोड़ रुपये का आगणन होगा। डामरीकरण होने से सड़क बेहतर होने के साथ वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। सड़क बनने पर सिख तीर्थ स्थली रीठा साहिब की वर्तमान दूरी 150 किमी में से 70 किमी कम होकर सिर्फ 80 किमी रह जाएगी। अभी रीठा साहिब जाने के लिए टनकपुर से लोहाघाट होकर आना-जाना पड़ता है। सूखीढांग, गैरलेख, चौड़ाकोट, धूरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता, रीठा साहिब आदि 21 गांवों के सात हजार से अधिक लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी।
सड़क की बदहाली से इसी साल गई 14 लोगों की जान
चंपावत। एसडीएम सड़क की बदहाली न केवल सुविधाजनक और सुरक्षित आवाजाही की राह में रोड़ा बन रही है। अब यह जानलेवा भी होने लगी है। इस सड़क पर इस साल 21 फरवरी को इस सड़क पर ककनई के पास ढेकाढुंगा में जीप के खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में शराब के अलावा खराब सड़क को भी जिम्मेदार माना गया था।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इनकार के बाद लोनिवि डामरीकरण की प्रक्रिया में जुटी है। डामरीकरण के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये के छह प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनकी मंजूरी के बाद डामर शुरू कराया जाएगा। - एमसी पांडेय, ईई, लोनिवि खंड, चंपावत।
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एसडीएम सड़क की कटिंग वर्ष 2016 में 15 करोड़ रुपये से पूरी हुई थी। डामरीकरण के मुख्यमंत्री के एलान के बाद यह सड़क लोनिवि और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के बीच झूलती रही। पहले लोनिवि, फिर पीएमजीएसवाई और अब फिर से लोनिवि ने सड़क पर डामरीकरण की कार्रवाई शुरू की है। लोनिवि के ईई एमसी पांडेय ने बताया कि 30 किमी लंबी सड़क पर डामर किया जाएगा। अब इस सड़क पर एक साथ नहीं, बल्कि छह प्रस्ताव बनाए जाएंगे। पांच-पांच किमी के डामरीकरण के हर प्रस्ताव में करीब तीन करोड़ रुपये का आगणन होगा। डामरीकरण होने से सड़क बेहतर होने के साथ वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। सड़क बनने पर सिख तीर्थ स्थली रीठा साहिब की वर्तमान दूरी 150 किमी में से 70 किमी कम होकर सिर्फ 80 किमी रह जाएगी। अभी रीठा साहिब जाने के लिए टनकपुर से लोहाघाट होकर आना-जाना पड़ता है। सूखीढांग, गैरलेख, चौड़ाकोट, धूरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता, रीठा साहिब आदि 21 गांवों के सात हजार से अधिक लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी।
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सड़क की बदहाली से इसी साल गई 14 लोगों की जान
चंपावत। एसडीएम सड़क की बदहाली न केवल सुविधाजनक और सुरक्षित आवाजाही की राह में रोड़ा बन रही है। अब यह जानलेवा भी होने लगी है। इस सड़क पर इस साल 21 फरवरी को इस सड़क पर ककनई के पास ढेकाढुंगा में जीप के खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में शराब के अलावा खराब सड़क को भी जिम्मेदार माना गया था।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इनकार के बाद लोनिवि डामरीकरण की प्रक्रिया में जुटी है। डामरीकरण के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये के छह प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनकी मंजूरी के बाद डामर शुरू कराया जाएगा। - एमसी पांडेय, ईई, लोनिवि खंड, चंपावत।