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कलश यात्रा
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भिंगराड़ा के ऐड़ी बाल कृष्ण मेले के शुभारंभ मौके पर कलश के साथ बालिकाएं।
- फोटो : CHAMPAWAT
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लधिया घाटी के प्रमुख भिंगराड़ा मेले का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। ये कलश यात्रा 41 साल बाद निकाली गई। रामलीला स्थल से लेकर मंदिर तक निकली कलश यात्रा में बालिकाओं और महिलाओं ने आंचलिक परिधान पहने हुए थीं।
मेला आयोजन स्थल में साक्षी फाउंडेशन के संचालक स्वामी प्रेम सुगंध ने रिबन काटकर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने लधिया घाटी को पहचान देने वाली इस ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
भिंगराड़ा में ऐड़ी मंदिर में सुबह से कृष्ण भजन शुरू हुए। लोक गीत और लोक नृत्यों का सिलसिला भी शुरू हुआ। शुभारंभ अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष मुकेश महराना, उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, कोषाध्यक्ष तुलाराम भट्ट, स्वामी जगन्नाथ, सुभाष चंद्र, गिरीश चंद्र, दीपक शर्मा, टीकाराम जोशी, तुलसी प्रसाद शर्मा, दान सिंह बिष्ट, शिवराज सिंह, पूर्णानंद शर्मा, सतीश भट्ट, हरीश गिरि आदि मौजूद थे।
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मंच का संचालन सचिव रमेश भटट और कृष्ण चंद्र भट्ट ने किया। मुख्य मेला शुक्रवार को होगा।
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मेला आयोजन स्थल में साक्षी फाउंडेशन के संचालक स्वामी प्रेम सुगंध ने रिबन काटकर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने लधिया घाटी को पहचान देने वाली इस ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
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भिंगराड़ा में ऐड़ी मंदिर में सुबह से कृष्ण भजन शुरू हुए। लोक गीत और लोक नृत्यों का सिलसिला भी शुरू हुआ। शुभारंभ अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष मुकेश महराना, उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, कोषाध्यक्ष तुलाराम भट्ट, स्वामी जगन्नाथ, सुभाष चंद्र, गिरीश चंद्र, दीपक शर्मा, टीकाराम जोशी, तुलसी प्रसाद शर्मा, दान सिंह बिष्ट, शिवराज सिंह, पूर्णानंद शर्मा, सतीश भट्ट, हरीश गिरि आदि मौजूद थे।
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मंच का संचालन सचिव रमेश भटट और कृष्ण चंद्र भट्ट ने किया। मुख्य मेला शुक्रवार को होगा।