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Champawat News: गोल्ज्यू महोत्सव में बिखरे सांस्कृतिक रंग
Fri, 23 Jun 2023 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:20 PM IST
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चंपावत के गोल्ज्यू महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार। संवाद
चंपावत। गोल्ज्यू महोत्सव में सांस्कृतिक रंगों की धूम मची है। बृहस्पतिवार रात को हुई सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने गायकी से समा बांध दिया। सांस्कृतिक दलों के कलाकारों के साथ स्कूली बच्चों ने भी धमाल मचाया। देर रात तक चले कार्यक्रमों का दर्शकों ने खूब लुत्फ उठाया।
मुख्य अतिथि सी हॉक के चेयरमैन नरेंद्र सिंह लडवाल ने दीप जलाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। कहा कि महोत्सव में लोक कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मौका मिल रहा है।
लोक गायक राकेश खनवााल ने क्रीम पौडर घिसनी किले ना... गीत पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरी। लोक गायिका मेघना चंद्रा ने- नि बासा घुघुति..., ओ भिना कसिकै जानूं द्वारहाटा..., मायाली मुखड़ी... गीत से दर्शकों को झूमने को मजबूर किया। लोक गायक हरीश जोशी हरू ने- पहाड़ा ठंडो पानी, बोली कति मीठी बाणी....गीतों की प्रस्तुति दी। मास्टर मलय ने- खिड़की मां बैरोली... गीत पेश किया। सांस्कृतिक संध्या का संचालन राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी और राजेंद्र गहतोड़ी ने किया।
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कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, ईओ अशोक कुमार वर्मा, पूर्व बैंक अधिकारी जनार्दन चिलकोटी, डॉ. श्याम सिंह कार्की, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुधीर साह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय, सभासद लोकेश पुनेठा, मोहन भट्ट, रोहित बिष्ट, नंदन तड़ागी, कैलाश पांडेय, हरीश तिवारी, प्रकाश नाथ, रमेश भंडारी, आदर्श भट्ट आदि। मौजूद रहे।
आकर्षण का केंद्र बना फूलों का स्टॉल
चंपावत। गोल्ज्यू महोत्सव में लगा फूलों का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चंपावत के मुकेश गिरि ने अपनी पौधशाला में लगाए फल, फूल और औषधीय श्रेणी के पौधों को यहां रखा है। लोग इन पौधों की खूबसूरती से गदगद हैं।
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मुख्य अतिथि सी हॉक के चेयरमैन नरेंद्र सिंह लडवाल ने दीप जलाकर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। कहा कि महोत्सव में लोक कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मौका मिल रहा है।
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लोक गायक राकेश खनवााल ने क्रीम पौडर घिसनी किले ना... गीत पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरी। लोक गायिका मेघना चंद्रा ने- नि बासा घुघुति..., ओ भिना कसिकै जानूं द्वारहाटा..., मायाली मुखड़ी... गीत से दर्शकों को झूमने को मजबूर किया। लोक गायक हरीश जोशी हरू ने- पहाड़ा ठंडो पानी, बोली कति मीठी बाणी....गीतों की प्रस्तुति दी। मास्टर मलय ने- खिड़की मां बैरोली... गीत पेश किया। सांस्कृतिक संध्या का संचालन राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी और राजेंद्र गहतोड़ी ने किया।
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कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, ईओ अशोक कुमार वर्मा, पूर्व बैंक अधिकारी जनार्दन चिलकोटी, डॉ. श्याम सिंह कार्की, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुधीर साह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय, सभासद लोकेश पुनेठा, मोहन भट्ट, रोहित बिष्ट, नंदन तड़ागी, कैलाश पांडेय, हरीश तिवारी, प्रकाश नाथ, रमेश भंडारी, आदर्श भट्ट आदि। मौजूद रहे।
आकर्षण का केंद्र बना फूलों का स्टॉल
चंपावत। गोल्ज्यू महोत्सव में लगा फूलों का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चंपावत के मुकेश गिरि ने अपनी पौधशाला में लगाए फल, फूल और औषधीय श्रेणी के पौधों को यहां रखा है। लोग इन पौधों की खूबसूरती से गदगद हैं।