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दस दिनी गोर्खानगर दुर्गा महोत्सव संपन्न
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बिशुंग क्षेत्र में हुए मेले में स्नान करतें देव डांगर।
- फोटो : LOHAGHAT
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गोर्खानगर के 10 दिनी दुर्गा महोत्सव का सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष सचिन गोर्खा की अध्यक्षता में हुई कार्यक्रम में चेयरमैन गोविंद वर्मा ने महोत्सव के दौरान हुई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया।
चेयरमैन ने आयोजन समिति की मांग के अनुरूप बहुउद्देश्यीय मंच बनाने का आश्वासन दिया। समापन मौके पर बाल कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया। आयोजन में शेखर गोर्खा, भुवन बहादुर, शरद गोर्खा, सुभाष, संप्रीत हमाल, मनोज, शिवम, अमित कुमार, राजू सार्की, सचिन गोर्खा, रमा देवी, आरती देवी, हरीश, सुजल, रॉबिन आदि ने सहयोग किया। आयोजकों ने महोत्सव में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
बिशुंग व सुंई में देवी रथ निकले
लोहाघाट (चंपावत)। विजयादशमी के अवसर पर बीस गांव बिशुंग और पंाच गांव सुंई के प्रसिद्ध मां कड़ाई देवी मंदिर, ठांटा और जाख गांव में आयोजित मेले में देव रथ निकले। मां कड़ाई देवी मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया था। लोगों ने पूजा-अर्चना के बाद मन्नतें मांगी। मां कड़ाई देवी में आने वाले लोगों की मन्नतें पूरी होने पर वे गाल देते हैं।
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नवमी की रात को हुए देवी जागरण में देव डांगरों ने अवतरित होकर लोगों के कष्टों का निवारण कर आशीर्वाद दिया गया। मंगलवार को बुड़चौड़ा, सुंई गांवों से देव डांगर अवतरित होकर मां कड़ाई देवी मंदिर पहुंचे। देव डांगरों को दुग्ध स्नान कराने के बाद मंदिर के पुजारी की ओर से दूध व अक्षत की गाल दी गई। देव डांगरों ने अवतरित होकर लोगों को आशीर्वाद दिया। इधर गुमदेश के गुमकोट मंदिर में मेला हुआ जहां जाख गांव से मां भगवती की शोभायात्रा निकाली गई।
आज से शुरू होगा लड़ीधुरा महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट क्षेत्र का पांच दिनी लड़ीधुरा महोत्सव नौ अक्तूबर से शुरू होगा। आयोजकों ने महोत्सव की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य आकर्षण 13 अक्तूबर को काकड़ बाराकोट और पम्दा गांवों से निकलने वाली मां भगवती, मां महाकाली की देवी रथ यात्राएं होंगी।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी और जगदीश अधिकारी ने बताया कि नौ अक्तूबर को सुबह 9.30 बजे रामलीला मंच बाराकोट से मां भगवती मंदिर लड़ीधुरा तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। गणेश पूजन, देवी पाठ करने के बाद झोड़ों का गायन किया जाएगा। शाम 7.30 बजे महोत्सव का विधिवत उद्घाटन करने के साथ सांस्कृतिक संध्या होगी।
महोत्सव में विभिन्न शैक्षिक, बौद्धिक और खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। जबकि विभिन्न स्थानों की सांस्कृतिक टीमें रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। आयोजन में विनोद अधिकारी, देवेंद्र अधिकारी, ऋतेश वर्मा, प्रकाश अधिकारी, राजेश अधिकारी, जगदीश अधिकारी, रमेश जोशी, दुर्गेश जोशी, महेंद्र अधिकारी, प्रदीप ढेक, नवीन जोशी आदि सहयोग कर रहे हैं।
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चेयरमैन ने आयोजन समिति की मांग के अनुरूप बहुउद्देश्यीय मंच बनाने का आश्वासन दिया। समापन मौके पर बाल कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया। आयोजन में शेखर गोर्खा, भुवन बहादुर, शरद गोर्खा, सुभाष, संप्रीत हमाल, मनोज, शिवम, अमित कुमार, राजू सार्की, सचिन गोर्खा, रमा देवी, आरती देवी, हरीश, सुजल, रॉबिन आदि ने सहयोग किया। आयोजकों ने महोत्सव में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
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बिशुंग व सुंई में देवी रथ निकले
लोहाघाट (चंपावत)। विजयादशमी के अवसर पर बीस गांव बिशुंग और पंाच गांव सुंई के प्रसिद्ध मां कड़ाई देवी मंदिर, ठांटा और जाख गांव में आयोजित मेले में देव रथ निकले। मां कड़ाई देवी मंदिर में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया था। लोगों ने पूजा-अर्चना के बाद मन्नतें मांगी। मां कड़ाई देवी में आने वाले लोगों की मन्नतें पूरी होने पर वे गाल देते हैं।
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नवमी की रात को हुए देवी जागरण में देव डांगरों ने अवतरित होकर लोगों के कष्टों का निवारण कर आशीर्वाद दिया गया। मंगलवार को बुड़चौड़ा, सुंई गांवों से देव डांगर अवतरित होकर मां कड़ाई देवी मंदिर पहुंचे। देव डांगरों को दुग्ध स्नान कराने के बाद मंदिर के पुजारी की ओर से दूध व अक्षत की गाल दी गई। देव डांगरों ने अवतरित होकर लोगों को आशीर्वाद दिया। इधर गुमदेश के गुमकोट मंदिर में मेला हुआ जहां जाख गांव से मां भगवती की शोभायात्रा निकाली गई।
आज से शुरू होगा लड़ीधुरा महोत्सव
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट क्षेत्र का पांच दिनी लड़ीधुरा महोत्सव नौ अक्तूबर से शुरू होगा। आयोजकों ने महोत्सव की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य आकर्षण 13 अक्तूबर को काकड़ बाराकोट और पम्दा गांवों से निकलने वाली मां भगवती, मां महाकाली की देवी रथ यात्राएं होंगी।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी और जगदीश अधिकारी ने बताया कि नौ अक्तूबर को सुबह 9.30 बजे रामलीला मंच बाराकोट से मां भगवती मंदिर लड़ीधुरा तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। गणेश पूजन, देवी पाठ करने के बाद झोड़ों का गायन किया जाएगा। शाम 7.30 बजे महोत्सव का विधिवत उद्घाटन करने के साथ सांस्कृतिक संध्या होगी।
महोत्सव में विभिन्न शैक्षिक, बौद्धिक और खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। जबकि विभिन्न स्थानों की सांस्कृतिक टीमें रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। आयोजन में विनोद अधिकारी, देवेंद्र अधिकारी, ऋतेश वर्मा, प्रकाश अधिकारी, राजेश अधिकारी, जगदीश अधिकारी, रमेश जोशी, दुर्गेश जोशी, महेंद्र अधिकारी, प्रदीप ढेक, नवीन जोशी आदि सहयोग कर रहे हैं।

दुर्गा महोत्सव के समापन पर प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतियोगियों को पुरस्कृत करते चेयरमेन ग?- फोटो : LOHAGHAT