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बस्तिया में हाथियों का झुंड घुसा, फसल रौंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Thu, 12 Jan 2017 10:48 PM IST
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हाथियों से फसल क्षति
- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर (चंपावत)। जंगल से सटे गांवों में फसल लहलहाते ही हाथियों के झुंड जंगल से लगे गांवों में पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को थ्वालखेड़ा में फसल रौंदने के बाद बुधवार की रात हाथियों ने बस्तिया गांव में छह से अधिक किसानों की फसल तबाह कर दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के साथ ही हाथियों का गांव में प्रवेश रोकने को शीघ्र कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार की रात करीब 12 बजे हाथियों का झुंड बस्तिया गांव में घुस आया और खेतों में खड़ी गेहूं की फसल, फल के पेड़-पौधों को तहस-नहस कर दिया। हाथियों ने गंगा दत्त जोशी, हरी दत्त जोशी, अंबा दत्त जोशी, नारायण दत्त जोशी, ईश्वरी दत्त पांडेय की एक एकड़ से ज्यादा भूमि में खड़ी फसल तबाह की है। ग्राम प्रधान नवीन सिंह, पूर्व प्रधान सरोज देवी आदि ने वन विभाग से पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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हल्द्वानी, चंपावत वन प्रभाग का जंगल हाथी रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र होने से पिछले कुछ वर्षों में यहां हाथियों की संख्या खासी बढ़ गई है। शीतकाल में जंगलों में चारा कम होने से हाथी जंगल से लगे गांवों की ओर रुख कर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। वन दरोगा दान सिंह भाकुनी के मुताबिक हाथियों के लिए जंगलों में चारा कम पड़ने पर ही वे जंगल से लगे गांवों में घुसते हैं।
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लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट ब्लॉक के दूूरस्थ सेलपेडू गांव में तेंदुए एक माह में कई मवेशियों को मार दिया है। हाल की घटनाओं में तेंदुआ पूरन सिंह की गाय, प्रेम सिंह, भवान सिंह, गोविंद सिंह की बकरी, दुर्गा देवी के बछड़े को निशाना बना चुका है। ग्राम प्रधान पूरन पंत का कहना है कि ग्रामीणों ने मवेशियों को जंगल ले जाना बंद कर दिया है। वहीं महिलाएं भी घास, लकड़ी के लिए जंगल नहीं जा रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग, प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इसमें वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की गई है।