{"_id":"b6d1d71fc71a27df1ad4b5574d49563d","slug":"clthy-began-the-process-of-verification-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चल्थी में शुरू हुई सत्यापन की प्रक्रिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चल्थी में शुरू हुई सत्यापन की प्रक्रिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 15 Nov 2015 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएच से लगे चल्थी, बेलखेत, सूखीढांग आदि क्षेत्रों में पुलिस ने सत्यापन शुरू किया है। रविवार को अजनबियों, मजदूरों से मालुमात कर सत्यापन के लिए आवेदन पत्र भरा गया। पहले दिन 20 लोगों के बारे में जानकारी हासिल की गई। चल्थी चौकी प्रभारी विनोद जोशी ने बताया कि अब भरे गए तथ्यों की तस्दीक संबंधित थानों से कराई जाएगी।
विज्ञापन
चौकी प्रभारी ने सत्यापन को अपराध नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए लोगों को जागरूक किया। कहा कि कई बार बाहरी और अनजान तत्व अपराध कर फरार हो जाते हैं। सत्यापन टीम में सिपाही जीवन, किशन, वीरेंद्र आदि शामिल थे। इसके अलावा ग्रामीणों से अपने स्तर से फेरी वालों और अन्य संदिग्ध तत्वों की जानकारी पुलिस चौकी में देने की अपील की गई है।
विज्ञापन
सत्यापन की अनिवार्यता का है अधिनियम
उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 के तहत किराएदार, घरेलू नौकरों, श्रमिकों और अजनबियों का सत्यापन कराना जरूरी है। पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर का कहना है कि अधिनियम की धारा 83 (1) के तहत इसे दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। इसके अनुपालन में ढिलाई पर दस हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। एसपी ने अजनबियों के सत्यापन को अभियान के तौर पर सभी थानों में चलाने को कहा है।
विज्ञापन