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परिवार से बिछड़े दो भारतीय दो नेपाली किशोर
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:51 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूूनिट (एएचटीयू) कर्मियों ने परिजनों से बिछड़े चार बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया। परिवार से बिछड़े दो किशोर भारतीय, दो किशोर नेपाली थे।
एएचटीयू कर्मियों को रविवार को दो किशोर शारदा बैराज के पास संदिग्धावस्था में मिले। एएचटीयू कर्मी हेड कांस्टेबल लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल गणेश सिंह ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह परिजनों के साथ बनबसा घूमने आए थे लेकिन वह परिजनों से बिछड़ गए। उन्होंने अपना नाम सुदामा (10) पुत्र राकेश कश्यप, शिशुपाल (14) पुत्र छंगा लाल, पता इमलिया सुल्तानपुर, सीतापुर (यूपी) निवासी बताया। एएचटीयू कर्मी दोनों किशोरों को साथ में लेकर उनके परिजनों की तलाश में जुट गए। काफी समय बाद शारदा नहर किनारे मलेरिया नाले के पास उन्हें उक्त किशोर परिवार मिल गया। एएचटीयू कर्मियों ने सुदामा को उसके पिता और शिशुपाल को उसके बड़े भाई सर्वेश को सौंप दिया। वहीं करन बहादुर वीका (11), उसका भाई केशव वीका (10) पुत्र पद्म बहादुर वीका निवासी ग्राम मझगांव, वार्ड 16, गाविस बड़ेपुर जिला कंचनपुर लावारिस हालत में शारदा बैराज के पूर्वी छोर पर मिले। एएचटीयू कर्मियों ने पूछताछ की तो बताया कि वे नेपाल से परिवार के साथ सत्संग में रुद्रपुर जाने को आए थे लेकिन वे शारदा बैराज के पास परिजनों से बिछड़ गए। एएचटीयू कर्मियों ने उक्त नेपाली बच्चों के बारे भारत-नेपाल में सूचना दी। दो बच्चों के एएचटीयू कार्यालय में होने की सूचना पर उनके परिजन उन्हें अपने साथ ले गए। परिजनों ने एएचटीयू कर्मियों का आभार जताया है।
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एएचटीयू कर्मियों को रविवार को दो किशोर शारदा बैराज के पास संदिग्धावस्था में मिले। एएचटीयू कर्मी हेड कांस्टेबल लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल गणेश सिंह ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह परिजनों के साथ बनबसा घूमने आए थे लेकिन वह परिजनों से बिछड़ गए। उन्होंने अपना नाम सुदामा (10) पुत्र राकेश कश्यप, शिशुपाल (14) पुत्र छंगा लाल, पता इमलिया सुल्तानपुर, सीतापुर (यूपी) निवासी बताया। एएचटीयू कर्मी दोनों किशोरों को साथ में लेकर उनके परिजनों की तलाश में जुट गए। काफी समय बाद शारदा नहर किनारे मलेरिया नाले के पास उन्हें उक्त किशोर परिवार मिल गया। एएचटीयू कर्मियों ने सुदामा को उसके पिता और शिशुपाल को उसके बड़े भाई सर्वेश को सौंप दिया। वहीं करन बहादुर वीका (11), उसका भाई केशव वीका (10) पुत्र पद्म बहादुर वीका निवासी ग्राम मझगांव, वार्ड 16, गाविस बड़ेपुर जिला कंचनपुर लावारिस हालत में शारदा बैराज के पूर्वी छोर पर मिले। एएचटीयू कर्मियों ने पूछताछ की तो बताया कि वे नेपाल से परिवार के साथ सत्संग में रुद्रपुर जाने को आए थे लेकिन वे शारदा बैराज के पास परिजनों से बिछड़ गए। एएचटीयू कर्मियों ने उक्त नेपाली बच्चों के बारे भारत-नेपाल में सूचना दी। दो बच्चों के एएचटीयू कार्यालय में होने की सूचना पर उनके परिजन उन्हें अपने साथ ले गए। परिजनों ने एएचटीयू कर्मियों का आभार जताया है।
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