{"_id":"609c1ad38ebc3eadd3369c6e","slug":"corona-in-champawat-rural-champawat-news-hld4241725157","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना है। विभागीय टीमें दूरस्थ गांवों में जाकर जांच कर रहीं हैं। जिले में 5000 से अधिक प्रवासी लौट चुके हैं। वह संस्थागत क्वारंटीन के बजाय घरों में आइसोलेट हैं।
इस दौरान हुई लापरवाही के कारण गांवों में संक्रमण बढ़ रहा है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने बताया कि जिले में 1816 लोग होम आइसोलेट हैं। इनमें से करीब 1500 लोग गांवों में रह रहे हैं।
जिले के कोविड अस्पताल, कोविड केयर सेंटरों और निजी अस्पतालों में 41 संक्रमितों का उपचार किया जा रहा है। जिले के सीमांत स्वांला में 47, बकोड़ा में 27, बेलखेत में 27, सौराई में 23, बचकोट में 21, चल्थी में 13 लोग होम आइसोलेट हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी संक्रमितों तक कोविड किट पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है।
विज्ञापन
वैक्सीन कैरियर को कंधों पर लाद कर ले जा रहीं महिलाएं
चंपावत। जिले के दूरस्थ इलाकों में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कार्य भी जोरों से चल रहा है। सड़क से दूरस्थ गांवों में वैक्सीनेटर महिलाओं की ओर से स्वयं वैक्सीन कैरियर और अन्य सामान को अपने कंधों पर लाद कर टीकाकरण केंद्र तक ले जाया जा रहा है।
गांव में संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रशासन की ओर से संक्रमितों को क्वारंटीन सेंटरों में रखने के बजाय सीधे होम आइसोलेट किया जा रहा है। इस दौरान हुई लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है।
- ममता भट्ट, ग्राम प्रधान स्वांला।
सरकार को पूर्व की भांति क्वारंटीन सेंटर संचालित कर संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही गांवों में पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
- महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सौराई।
विज्ञापन
इस दौरान हुई लापरवाही के कारण गांवों में संक्रमण बढ़ रहा है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने बताया कि जिले में 1816 लोग होम आइसोलेट हैं। इनमें से करीब 1500 लोग गांवों में रह रहे हैं।
विज्ञापन
जिले के कोविड अस्पताल, कोविड केयर सेंटरों और निजी अस्पतालों में 41 संक्रमितों का उपचार किया जा रहा है। जिले के सीमांत स्वांला में 47, बकोड़ा में 27, बेलखेत में 27, सौराई में 23, बचकोट में 21, चल्थी में 13 लोग होम आइसोलेट हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी संक्रमितों तक कोविड किट पहुंचाना चुनौतीपूर्ण है।
विज्ञापन
वैक्सीन कैरियर को कंधों पर लाद कर ले जा रहीं महिलाएं
चंपावत। जिले के दूरस्थ इलाकों में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कार्य भी जोरों से चल रहा है। सड़क से दूरस्थ गांवों में वैक्सीनेटर महिलाओं की ओर से स्वयं वैक्सीन कैरियर और अन्य सामान को अपने कंधों पर लाद कर टीकाकरण केंद्र तक ले जाया जा रहा है।
गांव में संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रशासन की ओर से संक्रमितों को क्वारंटीन सेंटरों में रखने के बजाय सीधे होम आइसोलेट किया जा रहा है। इस दौरान हुई लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है।
- ममता भट्ट, ग्राम प्रधान स्वांला।
सरकार को पूर्व की भांति क्वारंटीन सेंटर संचालित कर संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही गांवों में पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
- महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सौराई।