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आपदा राहत में न करें कतई ढिलाई, पीड़ित के घर जाकर मुआवजा राशि दें अफसर: धामी
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चंपावत सर्किट हाउस में डीएम से आपदा से हुए नुकसान की जानकारी लेते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। ?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले में आपदा से हुई पांच लोगों की मौत के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत का दौरा किया। बुधवार को 15 मिनट के दौरे में उन्होंने सर्किट हाउस में डीएम विनीत तोमर और अधिकारियों को आपदा राहत में कतई ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।
आपदा प्रभावितों को मानकों के अनुरूप तुरंत उनके घरों में मुआवजा राशि देने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा से बचाव क्षेत्रों को तुरंत मौका मुआयना कर ठोस कदम उठाने के आदेश दिए।
सीएम के साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मौजूद थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एसपी देवेंद्र पींचा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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आपदा प्रबंधन में चूक नहीं, रिकॉर्ड तोड़ बारिश से हुआ नुकसान : सीएम
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया कि आपदा प्रबंधन में सरकार से चूक नहीं हुई है, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ बारिश से ये नौबत आई है। धामी ने कहा कि आपदा में अब तक प्रदेश में 46 मौतें हो चुकीं हैं और सात हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है।
सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने 17 अक्तूबर से बचाव के लिए कदम उठाए हैं, जिससे नुकसान को कम करने में सफलता मिलने का सीएम ने दावा किया है। सीएम ने कहा कि स्थलीय दौरा कर कमियों को दूर करेंगे। वहीं 21 अक्तूबर से आपदा प्रबंधन विभाग के कार्मिकों की हड़ताल के सवाल पर उन्होंने कहा कि संगठन से हड़ताल न करने की अपील करेंगे। आपदा के मानकों में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार से बात करेंगे।
सीएम से मिलने आए फरियादियों को रोका
चंपावत। मूसलाधार बारिश से मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सर्किट हाउस पहुंचे लोगों को मायूसी मिली। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया। ब्लॉक कार्यालय के पास रहने वाली शाहिद हुसैन, जाकिर हुसैन, जाहिद हुसैन, श्याम राम, होशियार राम, महेश राम, राज राम आदि मुख्यमंत्री से मिलकर बारिश से मकान को हुए भारी नुकसान की जानकारी देना चाह रहे थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
दौरे में देरी से पीड़ित परिवार से नहीं मिल सके सीएम
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुधवार सुबह 9:30 बजे चंपावत के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना था लेकिन तकनीकी कारणों से सीएम हल्द्वानी से यहां 4:30 घंटे देरी से पहुंच सके। इस कारण न तो वे तेलवाड़ा गए और सेलाखोला रोपा के आपदा प्रभावितों के घरों तक ही पहुंच सके। उन्होंने सर्किट हाउस से ही दोनों घरों की तरफ प्रणाम कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम के देरी से पहुंचने पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को आपदा राहत के बजाय सीएम के दौरे की तैयारी में व्यस्त रहे। संचार सेवा के ठप होने से भी समन्वय में दिक्कत आई।
वहीं मुख्यमंत्री के दौरे के बावजूद चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी की गैर मौजूदगी पर लोगों ने नाराजगी जताई है। भाजपा मीडिया प्रभारी मोहन सिंह अधिकारी ने संचार सेवा बाधित रहने और टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने को विधायक के न आने का कारण बताया है। वहीं मुख्यमंत्री के आपदा प्रभावितों से न मिलने से तेलवाड़ा में पीड़ित परिवारों के पड़ोसी और कांग्रेस नेता सूरज प्रहरी ने संवेदनहीनता बताया है। कहा कि इसके विरोध में पार्टी बृहस्पतिवार को विरोध, प्रदर्शन करेगी।
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आपदा प्रभावितों को मानकों के अनुरूप तुरंत उनके घरों में मुआवजा राशि देने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा से बचाव क्षेत्रों को तुरंत मौका मुआयना कर ठोस कदम उठाने के आदेश दिए।
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सीएम के साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मौजूद थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एसपी देवेंद्र पींचा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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आपदा प्रबंधन में चूक नहीं, रिकॉर्ड तोड़ बारिश से हुआ नुकसान : सीएम
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दावा किया कि आपदा प्रबंधन में सरकार से चूक नहीं हुई है, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ बारिश से ये नौबत आई है। धामी ने कहा कि आपदा में अब तक प्रदेश में 46 मौतें हो चुकीं हैं और सात हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है।
सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने 17 अक्तूबर से बचाव के लिए कदम उठाए हैं, जिससे नुकसान को कम करने में सफलता मिलने का सीएम ने दावा किया है। सीएम ने कहा कि स्थलीय दौरा कर कमियों को दूर करेंगे। वहीं 21 अक्तूबर से आपदा प्रबंधन विभाग के कार्मिकों की हड़ताल के सवाल पर उन्होंने कहा कि संगठन से हड़ताल न करने की अपील करेंगे। आपदा के मानकों में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार से बात करेंगे।
सीएम से मिलने आए फरियादियों को रोका
चंपावत। मूसलाधार बारिश से मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सर्किट हाउस पहुंचे लोगों को मायूसी मिली। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया। ब्लॉक कार्यालय के पास रहने वाली शाहिद हुसैन, जाकिर हुसैन, जाहिद हुसैन, श्याम राम, होशियार राम, महेश राम, राज राम आदि मुख्यमंत्री से मिलकर बारिश से मकान को हुए भारी नुकसान की जानकारी देना चाह रहे थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
दौरे में देरी से पीड़ित परिवार से नहीं मिल सके सीएम
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुधवार सुबह 9:30 बजे चंपावत के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना था लेकिन तकनीकी कारणों से सीएम हल्द्वानी से यहां 4:30 घंटे देरी से पहुंच सके। इस कारण न तो वे तेलवाड़ा गए और सेलाखोला रोपा के आपदा प्रभावितों के घरों तक ही पहुंच सके। उन्होंने सर्किट हाउस से ही दोनों घरों की तरफ प्रणाम कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम के देरी से पहुंचने पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को आपदा राहत के बजाय सीएम के दौरे की तैयारी में व्यस्त रहे। संचार सेवा के ठप होने से भी समन्वय में दिक्कत आई।
वहीं मुख्यमंत्री के दौरे के बावजूद चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी की गैर मौजूदगी पर लोगों ने नाराजगी जताई है। भाजपा मीडिया प्रभारी मोहन सिंह अधिकारी ने संचार सेवा बाधित रहने और टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने को विधायक के न आने का कारण बताया है। वहीं मुख्यमंत्री के आपदा प्रभावितों से न मिलने से तेलवाड़ा में पीड़ित परिवारों के पड़ोसी और कांग्रेस नेता सूरज प्रहरी ने संवेदनहीनता बताया है। कहा कि इसके विरोध में पार्टी बृहस्पतिवार को विरोध, प्रदर्शन करेगी।