फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   civic aminities

इंदिरा अम्मा भोजनालय पर लग सकता है ताला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Dec 2019 10:30 PM IST
विज्ञापन
civic aminities
चंपावत का इंदिरा अम्मा भोजनालय। - फोटो : CHAMPAWAT
महंगाई के दौर में इंदिरा अम्मा भोजनालय में 30 रुपये मिलने वाली खाने की थाली कभी भी बंद हो सकती है। यह नौबत अप्रैल से अनुदान नहीं मिलने से आ रही है। भोजनालय के संचालक ने ग्राम्य विकास विभाग को भेजे पत्र अनुदान नहीं मिलने पर योजना से हाथ पीछे खींचने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

नवंबर 2015 से सहकारी समिति के दो कमरों में शुरू इंदिरा अम्मा भोजनालय में पिछले साल से कई अड़चनें आती रही हैं। अप्रैल से 10 रुपये प्रति थाली अनुदान नहीं मिलने से अब इस भोजनालय को चलाना मुश्किल हो रहा है। औसतन 80 थाली रोज की खपत वाले भोजनालय की करीब दो लाख रुपये की अनुदान राशि लटकी हुई है।
विज्ञापन

इस संबंध में संचालक ने कई बार ग्राम्य विकास विभाग के सहायक परियोजना निदेशक को पत्र भेजा। अनुदान न मिलने के अलावा सहकारी समिति ने भोजनालय से कमरे खाली करने को कहा है। पानी का प्रबंध भी हैंडपंप से हो रहा है। अगर भोजनालय बंद हुआ तो लोगों को 30 रुपये में खाना नहीं मिल पाएगा। खुले बाजार में प्रति थाली खाना न्यूनतम 50 रुपये में मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परियोजना निदेशक एचजी भट्ट का कहना है कि भोजनालय को बंद नहीं होने दिया जाएगा। अनुदान सहित तमाम समस्याओं का जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
भोजनालय के कमरों का दूसरे काम के लिए उपयोग करेगी समिति
चंपावत। सहकारी समिति इंदिरा अम्मा भोजनालय के कमरों का उपयोग दूसरे काम में करेगी। समिति सचिव हरीश जोशी का कहना है कि समिति भवन में कुल 8 दुकानों की दर है जिसमें से छह से 2500 रुपये मासिक किराया मिल रहा है लेकिन भोजनालय वाली दो दुकानों से एक भी रुपया नहीं मिल रहा है। इन्हें खाली कराए जाने का समिति दो बार प्रस्ताव पास कर चुकी है।
निशुल्क होनी है भोजनालय की यह व्यवस्था
चंपावत। इंदिरा अम्मा भोजनालय संचालन के लिए प्रदेश शासन ने अगस्त 2015 में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई रियायतें दी गई थी। शासन की ओर से जारी पत्र में निशुल्क जगह, ईंधन, बिजली व पेयजल व्यवस्था के साथ राज्य सरकार की ओर से प्रति थाली 10 रुपये के अनुदान की व्यवस्था की गई थी।

इंदिरा भोजनालय के संचालन को लेकर कई अड़चनें आ रही हैं। अप्रैल से अनुदान नहीं मिला है। सहकारी समिति की ओर से लगातार भोजनालय के कमरों को खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। जीओ के हिसाब से भोजनालय का संचालन भी महिला संचालक की ओर से कराया जाना चाहिए। गिरधर सिंह फर्त्याल, संचालक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed