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Champawat News: बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश के लिए मिली उम्र सीमा में छूट
Sun, 12 May 2024 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 12 May 2024 11:16 PM IST
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चंपावत। प्री-प्राइमरी कक्षा पास कर चुके बच्चों की छह वर्ष की उम्र सीमा बाध्यता को नये शिक्षा सत्र 2023-24 में प्रवेश के लिए शिथिल कर दिया गया है। इसके चलते वर्तमान शिक्षा सत्र में छह वर्ष से कम उम्र सीमा के इन बच्चों को सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक में आसानी से प्रवेश मिल सकेगा।
नये शिक्षा सत्र में सरकारी स्कूलों में छह वर्ष से कम के बच्चों को प्री-प्राइमरी में प्रवेश दिया जाएगा। इससे अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उत्तराखंड शासन की ओर से शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
शासन की ओर से जारी अधिसूचना में इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखंड निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियमावली 2024 है जो आगामी शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रभावी होगी। इसके अनुसार वर्तमान में जिन बच्चों ने प्री स्कूल अर्थात नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश लिया है और वहां पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उन्हें कक्षा एक में अध्ययन की अनुमति पूर्व की भांति दी जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया सरल की गई है। वह 18 वर्ष पूरा होने तक उनकी प्रारंभिक शिक्षा निर्बाध रूप से पूर्ण करे सकेंगे।
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कोट
वर्तमान शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए उन बच्चों की उम्र बाध्यता में शिथिलता बरती गई है। जो विभिन्न स्कूलों में प्री-प्राइमरी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं लेकिन उनकी उम्र छह वर्ष से कम है। इस बार शिथिलता के चलते इन सभी बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश मिलेगा। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।
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नये शिक्षा सत्र में सरकारी स्कूलों में छह वर्ष से कम के बच्चों को प्री-प्राइमरी में प्रवेश दिया जाएगा। इससे अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उत्तराखंड शासन की ओर से शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
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शासन की ओर से जारी अधिसूचना में इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखंड निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियमावली 2024 है जो आगामी शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रभावी होगी। इसके अनुसार वर्तमान में जिन बच्चों ने प्री स्कूल अर्थात नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में प्रवेश लिया है और वहां पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उन्हें कक्षा एक में अध्ययन की अनुमति पूर्व की भांति दी जाएगी। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया सरल की गई है। वह 18 वर्ष पूरा होने तक उनकी प्रारंभिक शिक्षा निर्बाध रूप से पूर्ण करे सकेंगे।
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वर्तमान शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए उन बच्चों की उम्र बाध्यता में शिथिलता बरती गई है। जो विभिन्न स्कूलों में प्री-प्राइमरी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं लेकिन उनकी उम्र छह वर्ष से कम है। इस बार शिथिलता के चलते इन सभी बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश मिलेगा। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।