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चौड़ाढेक से गलचौड़ा तक सड़क बदहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:17 PM IST
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चौड़ाढेक से गलचौड़ा तक सड़क में बने गढ्ढे।
- फोटो : अमर उजाला
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चौड़ाढेक से गलचौड़ा तक सड़क मार्ग की हालत बेहद खराब हो गई है। इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों में होने वाली टूट-फूट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। इस मार्ग से गर्भवती महिलाओं को वाहन से ले जाने का अब कोई जोखिम नहीं उठा रहा है।
चौड़ाढेक से कृषि विज्ञान केंद्र तक तीन किमी लंबी सड़क लोक निर्माण विभाग के पास है, जबकि शेष गलचौड़ा तक की सड़क वन विभाग की है।
पाटी, खेतीखान आदि स्थानों से पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों के लिए यह कम दूरी वाली सड़क है, इसके कारण इसमें यातायात का दबाव काफी रहता है। इसके अलावा सुंई, खैसकांडे, सातखाल, डुंगरी आदि सभी गांवों के साथ ही आईटीबीपी, केवीके, राजीव नवोदय और निर्माणाधीन स्टेडियम के वाहन चलते हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। सड़क की नालियां और स्कबर बंद पड़े हैं, जिससे वर्षा होने पर सड़क पानी से भर जाती है। केवीके से गलचौड़ा तक वन विभाग ने दस वर्ष पहले सीसी सड़क बनाई थी, जो बनने के साथ ही टूटने लगी थी। इस सड़क पवर आईटीबीपी के जवान गड्ढों को भरते रहते हैं।
बजट के अभाव में संभव नहीं रखरखाव
डीएफओ एके गुप्ता का कहना है कि केवीके से गलचौड़ा तक वन विभाग की सड़क का रखरखाव बजट के अभाव में संभव नहीं है, यदि लोनिवि इस सड़क को अपने हाथ में लेता है तो विभाग को उसे देने में कोई आपत्ति नहीं है।
चौड़ाढेक से कृषि विज्ञान केंद्र तक तीन किमी लंबी सड़क लोक निर्माण विभाग के पास है, जबकि शेष गलचौड़ा तक की सड़क वन विभाग की है।
पाटी, खेतीखान आदि स्थानों से पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों के लिए यह कम दूरी वाली सड़क है, इसके कारण इसमें यातायात का दबाव काफी रहता है। इसके अलावा सुंई, खैसकांडे, सातखाल, डुंगरी आदि सभी गांवों के साथ ही आईटीबीपी, केवीके, राजीव नवोदय और निर्माणाधीन स्टेडियम के वाहन चलते हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। सड़क की नालियां और स्कबर बंद पड़े हैं, जिससे वर्षा होने पर सड़क पानी से भर जाती है। केवीके से गलचौड़ा तक वन विभाग ने दस वर्ष पहले सीसी सड़क बनाई थी, जो बनने के साथ ही टूटने लगी थी। इस सड़क पवर आईटीबीपी के जवान गड्ढों को भरते रहते हैं।
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बजट के अभाव में संभव नहीं रखरखाव
डीएफओ एके गुप्ता का कहना है कि केवीके से गलचौड़ा तक वन विभाग की सड़क का रखरखाव बजट के अभाव में संभव नहीं है, यदि लोनिवि इस सड़क को अपने हाथ में लेता है तो विभाग को उसे देने में कोई आपत्ति नहीं है।
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