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हत्यारोप में चार्जशीट की धाराएं बदलने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 19 Aug 2016 10:56 PM IST
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हत्यारोपियों को बचाने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। चौकी गांव में होली से पहले हुई हत्या के आरोपियों की धाराएं चार्जशीट में बदलने का आरोप पुलिस पर लगा है। मृतक राकेश सिंह मौनी के पिता रिटायर्ड कैप्टन बिंदु सिंह मौनी ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता की। बताया कि पांच अगस्त को उन्होंने इस बारे में डीएम से भी शिकायत की थी। डीएम के हस्तक्षेप और एसपी के आदेश पर आरोप की जांच चल रही है।
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इस साल होली से दो दिन पहले 22 मार्च को शहर के पास के चौकी गांव के कैप्टन मौनी के बेटे राकेश सिंह मौनी (32) की धारदार हथियार से रंजिशन हत्या कर दी गई थी, जबकि दो बेटे कमल सिंह (36), चंद्रशेखर मौनी (26) और कमल की पत्नी देवकी देवी (33) जख्मी हुई थी। इस मामले में उनके पड़ोसी ईश्वर सिंह, पवन सिंह, भगवत सिंह, बोध सिंह, दिलीप सिंह, लक्ष्मण सिंह, रेनू देवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 302, 307 के तहत कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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इस मामले में कैप्टन मौनी का कहना है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में 18 जून को पेश मूल आरोप पत्र और अभियुक्तों की जमानत के समय हाईकोर्ट में पेश आरोप पत्र में अंतर है। उनका कहना है कि बोध सिंह, दिलीप सिंह, लक्ष्मण सिंह और रेनू देवी पर लगे आरोप की धाराएं बदल गईं। इन चार आरोपियों में सिर्फ धारा 147 ही लिखी गई है, जबकि मूल चार्जशीट में सभी सातों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 302 और 307 लगाई गई थी।
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धारा बदलने के कारण एक आरोपी रेनू देवी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। मौनी का कहना है कि जमानत में रिहा होने की जानकारी मिलने के बाद गड़बड़ी की आशंका हुई। इसकी तस्दीक के लिए उन्होंने केस से संबंधित प्रपत्रों की कॉपी निकलवाई, तो दोनों अदालतों में दाखिल चार्जशीट की धाराओं में अंतर मिला।
जिसके बाद उन्होंने पांच अगस्त को डीएम डॉ. अहमद इकबाल से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाई। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए। उधर हत्याकांड की विवेचना कर रहे कोतवाली के एसएसआई महेश चंद्र आरोपों को खारिज कर रहे हैं।