{"_id":"5f8d42b58ebc3e9bc10496f3","slug":"champawat1603093173","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुधारू पशु खरीद योजना की कामयाबी पर लटकी तलवार","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
दुधारू पशु खरीद योजना की कामयाबी पर लटकी तलवार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुधारू पशु खरीद योजना की कामयाबी पर लटकी तलवार
विज्ञापन
विज्ञापन
275 के लक्ष्य के सापेक्ष एक भी पशुपालक को नहीं मिला लाभ
तीन और पांच पशु खरीद योजना में पशुपालक को कर्ज के अलावा 25 प्रतिशत का अनुदान
दूध के उत्पादन को बढ़ाने के साथ स्वरोजगार में मदद पहुंचाना था योजना का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। दुधारू जानवरों के लिए कर्ज देने की योजना नाकामी की राह पर है। मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक इस योजना के जरिए एक भी आवेदक ने पशु खरीद नहीं की है। और जो छिटपुट आवेदन बैंकों तक पहुंचे भी हैं, उनमें से किसी को भी ऋण की रकम नहीं मिल सकी है।
एनसीडीसी (राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम) के जरिए दुग्ध संघ ने दुग्ध उत्पादकों को ऋण देने की योजना शुरू की। इस योजना में तीन दुधारू जानवरों के लिए 2.46 लाख और पांच जानवरों के लिए 4.10 लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही हर लाभार्थी को 25 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिले में मौजूदा वित्त वर्ष में 275 लोगों को इस योजना का लाभ मिलना है। लेकिन अब तक एक भी पशुपालक योजना से लाभान्वित नहीं हो सका है।
दुग्ध संघ के प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि 15 अक्तूबर तक 3दुधारू पशुओं के लिए 200 के लक्ष्य के सापेक्ष 79 आवेदन आए। विभाग ने 78 आवेदनों को स्वीकृत कर बैंक को भेज दिया। अलबत्ता बैंक ने 12 आवेदनों को मंजूर किया, लेकिन कर्ज एक में भी नहीं मिला है। इसी तरह 5 पशुओं के लिए 75 के लक्ष्य के सापेक्ष 15 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें से सिर्फ एक को बैंक ने हरी झंडी दी है, लेकिन ऋण उस अकेले आवेदन को भी नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन