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नई नीति की सुगबुगाहट से जगी नजूल भूमि के फ्री होल्ड होने की उम्मीद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 11:10 AM IST
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नवल जोशी (संवाद) 
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लोहाघाट (चंपावत)। सरकार की ओर से नजूल भूमि को फ्री होल्ड कर लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए नजूल नीति लाने की तैयारी से यहां के लोगों में आस जगी है। यहां के लोग नजूल भूमि के फ्री होल्ड नहीं होने से मालिकाना हक से वंचित है। इसके चलते उन्हेें जमीन के आधार पर न तो कर्ज मिल पाता है और नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।  2009 और 2011 में नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने का प्रदेश शासन ने आदेश दिया था, जिसमें लोगों को जमीन की कीमत की 25 फीसदी राशि राजस्व विभाग में जमा करानी थी। इसके तहत मार्च 2012 तक लोहाघाट नगर क्षेत्र के 1499 लोगों ने नजूल भूमि को फ्री होल्ड कराने के लिए पत्रावलियां जमा करने के साथ तीन करोड़ 75 लाख, 36 हजार 504 रुपये राजस्व विभाग में जमा कराए थे। तबसे लेकर यह मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते ठंडे बस्ते में चला गया था। 
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:: कोट ::- "नजूल नीति बनाकर नजूल भूमि पर काबिज लोगों को राहत देने की ये घोषणा सकारात्मक कदम है। आशा करते हैं कि सरकार इसी मानसून सत्र में इस नजूल नीति को पारित करा लेगी।"
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-भगीरथ भट्ट, पूर्व ब्लाक प्रमुख। --::- "सरकार की मंशा नगर की नजूल भूमि को फ्री होल्ड कराने के लिए संघर्ष करने वालों की जीत है। फ्री होल्ड  होने से लोग सरकारी योजना का लाभ पा सकेंगे।" -पदमादत्त पुनेठा, राज्य आंदोलनकारी। --::- " जीओ जारी होने के बाद लोगों ने 2012 तक जमीन को फ्री होल्ड कराने के लिए जमीन की राशि जमा कराई थी। इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं है। सरकार अगर सचमुच गंभीर है तो वह इसे लेकर अध्यादेश लाए।"
-नवीन चंद्र मुरारी, अधिवक्ता। --::- " लोहाघाट नगर की 3320 नाली चार मुट्ठी जमीन नजूल है। 1499 लोग नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के लिए पत्रावलियां जमा करा चुके हैं। मामला न्यायालय में लंबित है। फैसला आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।" -आरसी गौतम, एसडीएम, लोहाघाट। 
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