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न्यायिक बंदीगृह का इंतजार कर रहा है चंपावत जिला
नवल जोशी/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Mon, 26 Dec 2016 10:27 PM IST
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जेल
- फोटो : अमर उजाला
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यहां करीब 90 साल पूर्व बने न्यायिक बंदीगृह में कोई बदलाव नहीं हो पाया है। वर्ष 1925-26 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान लोहाघाट में बंदीगृह के भवन का निर्माण किया गया था। पूर्व में इसका उपयोग राजस्व लॉकअप के रूप में किया जाता था। इसमें राजस्व विभाग अपने बकाएदारों को रखता था। इसे बाद में न्यायिक बंदीगृह के रूप में उपयोग में लिया गया।
जिले का एकमात्र न्यायिक बंदीगृह होने के चलते यहां अधिकांश समय क्षमता से ज्यादा विचाराधीन कैदी रखे जाते हैं। इसमें मात्र चार कमरे हैं, तीन कमरों में पुरुष कैदियों और एक कमरे में महिला कैदियों को रखा जाता है। करीब 25-30 कैदियों की क्षमता वाले इस न्यायिक बंदीगृह में क्षमता से अधिक विचाराधीन कैदी होने पर कैदियों को अल्मोड़ा बंदीगृह में शिफ्ट किया जाता है। सुरक्षा का जिम्मा जहां रेगुलर पुलिस के हाथों है, वहीं अन्य व्यवस्थाएं राजस्व विभाग देखता है। कैदियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए एक सशस्त्र हेड कांस्टेबल, तीन कांस्टेबलों के अलावा चार होमगार्ड चौबीसों घंटे तैनात रहते है। जबकि अन्य व्यवस्थाओं के लिए राजस्व निरीक्षक की तैनाती की गई है।
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रेगुलर पुलिस को सौंपा जाना है बंदीगृह का कार्य
तहसीलदार नीलू चावला का कहना है कि बंदीगृह की व्यवस्थाओं को छोड़कर पूरा कार्य रेगुलर पुलिस के पास है। बंदीगृह की व्यवस्थाओं को रेगुलर पुलिस को सौंपने के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है। उनके पास लोहाघाट और बाराकोट तहसील का कार्य होने के साथ न्यायिक बंदीगृह का अतिरिक्त कार्यभार है। विधानसभा चुनावों की तैयारियों को देखते हुए बंदीगृह की व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। मानवाधिकार आयोग की ओर से भी न्यायिक बंदीगृह का सारा कार्य रेगुलर पुलिस को सौंपने की बात कही है।
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वर्तमान में सात महिलाओं सहित कुल 30 कैदी
न्यायिक बंदीगृह प्रभारी राजस्व उप निरीक्षक सुरेश फर्त्याल का कहना है कि वर्तमान में बंदीगृह में 30 कैदी हैं, इनमें 23 पुरुष और सात महिला कैदी हैं। कैदियों के मनोरंजन के लिए यहां टेलीविजन भी लगाए गए हैं तथा समय समय पर डॉक्टरों की टीम द्वारा इन कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। विधिक सेवा प्राधिकरण भी शिविर लगाकर उनकी समस्याएं सुनकर कानूनी जानकारियां देता है।