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जिला अस्पताल में सीरिंज तक नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:59 PM IST
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चंपावत। जो सुविधा एक मामूली स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) में मिलनी चाहिए, वह जिला अस्पताल में नहीं मिल रही। यहां एक गर्भवती महिला के खून के परीक्षण के लिए भी सीरिंज नहीं है। अस्पताल ने महिला मरीज से इस सीरिंज को भी बाजार से मंगवाया। बाद में गर्भवती महिला ने अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया। बृहस्पतिवार को कोयाटी गांव निवासी श्याम सिंह की गर्भवती पत्नी राधा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। राधा को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया।
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अस्पताल में गर्भवती महिला की खून की जांच कराई गई, लेकिन इसके लिए परिजनों से सीरिंज भी बाजार से मंगाई गई। पति श्याम सिंह का कहना है कि इसके अलावा अस्पताल में भर्ती करनेे बाद भी पैड और कई अन्य सामग्री बाजार से मंगवाई गई। बाद में अस्पताल में ही राधा देवी ने एक पुत्री को जन्म दिया। अस्पताल के इस रूखे व्यवहार से खिन्न राधा देवी बेटी को जन्म देने के बाद अस्पताल से घर को चल दी।
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महिला के पति श्याम सिंह ने मामले की शिकायत दर्ज करनी चाही, लेकिन कार्यालय बंद होने से उनकी शिकायत पंजीकृत नहीं हो सकी। इस मामले में जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डा.एसबी ओली से अस्पताल का पक्ष जानना चाहा, लेकिन उनका मोबाइल नंबर (9760554438) रिसीव नहीं हुआ। गर्भवती महिला के साथ इस तरह की अनदेखी मामला गंभीर है। प्रसव और उससे जुड़ी सभी सुविधाएं अनिवार्य रूप से अस्पताल से ही दी जानी है, अगर अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हो, तो उसे अस्पताल द्वारा बाजार से मंगवाया जाएगा।
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