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नेपाल ने तेजी से किया नहर का निर्माण शुरू
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टनकपुर के निकट नेपाल ने अपने भूभाग में तेजी के किया नहर निर्माण कार्य शुरू। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। टनकपुर बैराज से सिंचाई का पानी लेने के लिए नेपाल प्रशासन ने नहर का निर्माण तेज कर दिया है जबकि भारत ने करीब 1.2 किमी दूर नेपाल सीमा तक नहर का निर्माण जनवरी में ही पूरा कर दिया था। दोनों देशों के प्रधानमंत्री अब कभी भी इस नहर का ऑनलाइन लोकार्पण कर सकते हैं।
भारत-नेपाल के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई सहमति के बाद पिछले वर्ष से नहर का निर्माण शुरू हुआ। टनकपुर बैराज के आउटलेट से करीब 1.2 किमी लंबे भारतीय भूभाग पर एनएचपीसी ने पिछले माह करीब 57 करोड़ रुपये की लागत से नहर बना दी है। अब नेपाल सरकार ने भी टनकपुर के पास अपनी जमीन पर सिंचाई नहर का निर्माण तेज कर दिया है।
बनबसा स्थित एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के मुखिया महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने बताया कि नहर निर्माण पूरा कर एनएचपीसी नहर में पानी छोड़ने के लिए तैयार है लेकिन नेपाल की ओर नहर निर्माण पूरा होने पर ही यह संभव होगा। बताया गया है कि टनकपुर बैराज से मांग एवं नदी के जलस्तर के आधार पर न्यूनतम 300 क्यूसेक से अधिकतम एक हजार क्यूसेक तक पानी नेपाल को दिया जाएगा लेकिन अभी नेपाल चैनल का काफी कार्य बाकी है।
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भारत-नेपाल के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई सहमति के बाद पिछले वर्ष से नहर का निर्माण शुरू हुआ। टनकपुर बैराज के आउटलेट से करीब 1.2 किमी लंबे भारतीय भूभाग पर एनएचपीसी ने पिछले माह करीब 57 करोड़ रुपये की लागत से नहर बना दी है। अब नेपाल सरकार ने भी टनकपुर के पास अपनी जमीन पर सिंचाई नहर का निर्माण तेज कर दिया है।
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बनबसा स्थित एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के मुखिया महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने बताया कि नहर निर्माण पूरा कर एनएचपीसी नहर में पानी छोड़ने के लिए तैयार है लेकिन नेपाल की ओर नहर निर्माण पूरा होने पर ही यह संभव होगा। बताया गया है कि टनकपुर बैराज से मांग एवं नदी के जलस्तर के आधार पर न्यूनतम 300 क्यूसेक से अधिकतम एक हजार क्यूसेक तक पानी नेपाल को दिया जाएगा लेकिन अभी नेपाल चैनल का काफी कार्य बाकी है।
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