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बाघ को पकड़ो या मारो, बस हमें संकट से उबारो
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चंपावत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करती ढकना बडोला की महिलाएं।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला मुख्यालय के ढकना बडोला गांव में बाघ की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीणों और महिलाओं ने वन विभाग और जिला प्रशासन से बाघ को पकड़ने या फिर मारने की मांग उठाई है। इस संबंध में सोमवार को बड़ी संख्या में गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम विनीत तोमर और डीएफओ आरसी कांडपाल का घेराव किया।
आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाकर इतिश्री कर ली गई है, जबकि ग्रामीणों को हर रोज बाघ दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि महिला को मौत के घाट उतारने के 14 दिन बीतने के बाद भी वन विभाग आदमखोर बाघ की भनक तक नहीं पा सका है। बाघ के खौफ के कारण ग्रामीणों और महिलाओं ने जंगल जाना छोड़ दिया है।
ग्राम प्रधान हीरा देवी, पूर्व प्रधान विनोद सिंह चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं का कहना था कि बाघ की दहशत से लोग अघोषित कर्फ्यू का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जल्द से जल्द हमलावर बाघ को पकड़ कर गोली मारने की मांग उठाई। डीएम विनीत तोमर और डीएफओ कांडपाल ने आक्रोशित महिलाओं को बमुश्किल शांत कराया।
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डीएफओ ने क्षेत्र में वन कर्मियों की कांबिग जारी रखने, नए स्थानों पर कैमरा लगाने और पिंजरे लगाने का आश्वासन दिया। वहां कमला देवी, हेमा देवी, हेमा चौधरी, गीता देवी, गंगा देवी, मालती देवी, बसंती देवी, बबीता, शांति देवी, त्रिलोकी देवी, महेश्वरी देवी, शांति देवी, विमला देवी, सविता देवी, कविता, मदन सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
वन विभाग बढ़ाएगा कर्मचारियों की संख्या
चंपावत। ढकना बडोला क्षेत्र में बाघ की टोह लेने के लिए वन विभाग की ओर से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वर्तमान में बंदर और लंगूरों की गणना कार्य के चलते कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। अलबत्ता चंपावत के अलावा अन्य रेंजों से भी कांबिंग के लिए कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है।
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आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाकर इतिश्री कर ली गई है, जबकि ग्रामीणों को हर रोज बाघ दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि महिला को मौत के घाट उतारने के 14 दिन बीतने के बाद भी वन विभाग आदमखोर बाघ की भनक तक नहीं पा सका है। बाघ के खौफ के कारण ग्रामीणों और महिलाओं ने जंगल जाना छोड़ दिया है।
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ग्राम प्रधान हीरा देवी, पूर्व प्रधान विनोद सिंह चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं का कहना था कि बाघ की दहशत से लोग अघोषित कर्फ्यू का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जल्द से जल्द हमलावर बाघ को पकड़ कर गोली मारने की मांग उठाई। डीएम विनीत तोमर और डीएफओ कांडपाल ने आक्रोशित महिलाओं को बमुश्किल शांत कराया।
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डीएफओ ने क्षेत्र में वन कर्मियों की कांबिग जारी रखने, नए स्थानों पर कैमरा लगाने और पिंजरे लगाने का आश्वासन दिया। वहां कमला देवी, हेमा देवी, हेमा चौधरी, गीता देवी, गंगा देवी, मालती देवी, बसंती देवी, बबीता, शांति देवी, त्रिलोकी देवी, महेश्वरी देवी, शांति देवी, विमला देवी, सविता देवी, कविता, मदन सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
वन विभाग बढ़ाएगा कर्मचारियों की संख्या
चंपावत। ढकना बडोला क्षेत्र में बाघ की टोह लेने के लिए वन विभाग की ओर से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि वर्तमान में बंदर और लंगूरों की गणना कार्य के चलते कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। अलबत्ता चंपावत के अलावा अन्य रेंजों से भी कांबिंग के लिए कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है।