फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   budam gram panchayat still awaits for electricity

मगर बुड़म ग्राम पंचायत में तो कायम है अंधेरा...

Mon, 30 Apr 2018 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।  
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।   Updated Mon, 30 Apr 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
budam gram panchayat still awaits for electricity
बुड़म गांव में डिबरी से पढ़ाई करतें बच्चें। - फोटो : अमर उजाला
मणिपुर के सेनापति जिले के लेइसांग गांव में बिजली पहुंचने के बाद देश के सभी राजस्व गांवों को विद्युतीकृत करने का केंद्र सरकार का दावा सवालों के घेरे में है। चंपावत जिले में एक ग्राम पंचायत के तीन राजस्व गांवों में आज भी अंधेरा कायम है। गांवों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।  
विज्ञापन


चंपावत विकासखंड के तीन राजस्व गांव बुड़म, बकौरिया और सुकमी को आज भी रोशनी का इंतजार है। आजादी के दिन से इन दूरस्थ गांव के करीब एक हजार लोग उजाले का सपना पाले हैं मगर यह अब तक पूरा नहीं हो सका है। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों की रात ही नहीं जीवन भी दुश्वारियों से भरी है।
विज्ञापन


ग्राम विकास अधिकारी रोहित कुमार आर्या का कहना है कि बुड़म ग्राम पंचायत में अभी तक किसी भी तरह का विद्युतीकरण नहीं हुआ है। यहां न पोल लगे हैं और न कोई तार ही बिछी है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्राम प्रधान पदमावती, निर्मल सिंह सहित गांव के अन्य लोग कहते हैं कि बिजली न होने से यहां के लोगों की रात डिबरी में कटती है। इक्का-दुक्का लोगों के पास जरूर सोलर लाइट है। उपजाऊ जमीन वाले बुड़म में बिजली न होने से न केवल विकास पर असर पड़ रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी मार पड़ रही है।

बिजली के अभाव से लोगों के पास काम करने के लिए दिनरात में महज 12 घंटे है। ग्रामीणों का कहना है कि इस वजह से वे सुबह जल्दी उठ जरूरी काम निपटाने को मजबूर हैं। बिजली न होने से यहां के कई लोग गांव छोड़ आसपास के इलाकों में बसने को मजबूर हो रहे हैं। वैसे जिले के 650 राजस्व गांवों में से सिर्फ बुड़म ही नहीं, पोथ, चूका, कलढुंगा सहित कई अन्य गांव भी विद्युतीकरण से वंचित हैं। कई जगह तार, पोल व ट्रांसफार्मर लगे हैं मगर वह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।   

केरोसीन की डिबरी कर रही रोशन  
बुड़म ग्राम पंचायत में दो राजकीय प्राथमिक और एक जूनियर हाइस्कूल है। बिजली नहीं होने के कारण बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पाते। रात में बच्चों को डिबरी का आसरा है, जिसका असर उनकी आंखों पर पड़ता है। यहां के शिक्षक भी मानते हैं बिजली न होने से बच्चें खासे प्रतिकूल हालात में पढ़ाई करते हैं।   


बुड़म ग्राम पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना में शामिल किया गया है। जल्द ही इस ग्राम पंचायत के तीनों राजस्व गांवों का विद्युतीकृत कर दिया जाएगा। - राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल, चंपावत खंड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed