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पहले से ज्यादा वोट लाए लेकिन चुनाव नहीं जीत पाए
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चंपावत। ये सियासत का अजब विरोधाभास है। पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बावजूद जीत से दूर रहने के अनेकों उदाहरण है। लगातार पांच चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हेमेश खर्कवाल को इस बार 2017 की अपेक्षा 8002 वोट अधिक मिले लेकिन फिर भी वे भाजपा प्रत्याशी कैलाश गहतोड़ी से 5304 मतों से पीछे रहे। वैसे इस जिले में 2002 से अब तक पांच बार ऐसा मौका था, जब प्रत्याशी पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बाद भी हार गए।
2007 के चुनाव में भी चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को पांच साल पहले 2002 में उनके द्वारा लाए गए वोट से 7490 ज्यादा मत मिले लेकिन वे सदन नहीं पहुंच सके थे। तब उन्हें भाजपा की बीना महराना ने शिकस्त दी थी। लोहाघाट सीट से 2007 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी केसी पुनेठा पिछले चुनाव की अपेक्षा 6685 वोट अधिक लाए लेकिन वह जीत से दूर रहे। 2012 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह माहरा 3461 वोट अधिक लाए लेकिन चुनाव नहीं जीत सके। 2007 में 15433 वोट हासिल कर माहरा 1610 वोटों से जीत विधायक बन गए। 2017 के चुनाव में भी लोहाघाट सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को 7957 ज्यादा मत मिले लेकिन वे चुनाव हार गए।
पिछले चुनाव से 4058 वोट कम लाने के बाद भी जीते चुनाव
चंपावत। चंपावत सीट से भाजपा के कैलाश चंद्र गहतोड़ी लगातार दूसरी बार विधायक बने। इस बार उन्हें 2017 के चुनाव की अपेक्षा 4058 वोट कम मिले। 2017 के चुनाव में गहतोड़ी को 36601 वोट मिले थे और उन्होंने 17360 वोटों से रिकार्ड जीत हासिल की थी। इस बार 32547 वोट लाने वाले गहतोड़ी को 5304 मतों से जीत मिली।
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लोहाघाट सीट पर पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बावजूद मिली हार:
2007 के चुनाव में लोहाघाट सीट से भाजपा प्रत्याशी केसी पुनेठा 6685 वोट अधिक लाए, लेकिन चुनाव नहीं जीत सके।
2012 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह माहरा 3461 वोट अधिक लाए, लेकिन चुनाव हार गए।
2017 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को 7957 ज्यादा मत मिले, लेकिन वे जीत का स्वाद नहीं चख सके।
चंपावत सीट पर पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बावजूद मिली हार:
2007 के चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस के हेमेश खर्कवाल को 7490 वोट अधिक मिले, लेकिन चुनाव हार गए।
2022 के चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी 8002 वोट ज्यादा मिले, लेकिन चुनाव हारे।
जनादेश सिर माथे, जन मुद्दों के लिए काम करेंगे: हेमेश
चंपावत। दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस के नेता हेमेश खर्कवाल ने चुनाव नतीजे को स्वीकार करते हुए क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। कहा कि वे जनादेश को स्वीकार करते हैं। जन मुद्दों के लिए काम करते रहने का वादा किया। उन्होंने विजयी रहे कैलाश गहतोड़ी को बधाई दी है।
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2007 के चुनाव में भी चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को पांच साल पहले 2002 में उनके द्वारा लाए गए वोट से 7490 ज्यादा मत मिले लेकिन वे सदन नहीं पहुंच सके थे। तब उन्हें भाजपा की बीना महराना ने शिकस्त दी थी। लोहाघाट सीट से 2007 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी केसी पुनेठा पिछले चुनाव की अपेक्षा 6685 वोट अधिक लाए लेकिन वह जीत से दूर रहे। 2012 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह माहरा 3461 वोट अधिक लाए लेकिन चुनाव नहीं जीत सके। 2007 में 15433 वोट हासिल कर माहरा 1610 वोटों से जीत विधायक बन गए। 2017 के चुनाव में भी लोहाघाट सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को 7957 ज्यादा मत मिले लेकिन वे चुनाव हार गए।
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पिछले चुनाव से 4058 वोट कम लाने के बाद भी जीते चुनाव
चंपावत। चंपावत सीट से भाजपा के कैलाश चंद्र गहतोड़ी लगातार दूसरी बार विधायक बने। इस बार उन्हें 2017 के चुनाव की अपेक्षा 4058 वोट कम मिले। 2017 के चुनाव में गहतोड़ी को 36601 वोट मिले थे और उन्होंने 17360 वोटों से रिकार्ड जीत हासिल की थी। इस बार 32547 वोट लाने वाले गहतोड़ी को 5304 मतों से जीत मिली।
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लोहाघाट सीट पर पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बावजूद मिली हार:
2007 के चुनाव में लोहाघाट सीट से भाजपा प्रत्याशी केसी पुनेठा 6685 वोट अधिक लाए, लेकिन चुनाव नहीं जीत सके।
2012 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह माहरा 3461 वोट अधिक लाए, लेकिन चुनाव हार गए।
2017 के चुनाव में लोहाघाट सीट से कांग्रेस उम्मीदवार को 7957 ज्यादा मत मिले, लेकिन वे जीत का स्वाद नहीं चख सके।
चंपावत सीट पर पिछले चुनाव से ज्यादा वोट लाने के बावजूद मिली हार:
2007 के चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस के हेमेश खर्कवाल को 7490 वोट अधिक मिले, लेकिन चुनाव हार गए।
2022 के चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी 8002 वोट ज्यादा मिले, लेकिन चुनाव हारे।
जनादेश सिर माथे, जन मुद्दों के लिए काम करेंगे: हेमेश
चंपावत। दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस के नेता हेमेश खर्कवाल ने चुनाव नतीजे को स्वीकार करते हुए क्षेत्र के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। कहा कि वे जनादेश को स्वीकार करते हैं। जन मुद्दों के लिए काम करते रहने का वादा किया। उन्होंने विजयी रहे कैलाश गहतोड़ी को बधाई दी है।