{"_id":"641208c5dadf71463e0e10b9","slug":"breakdown-of-roadways-bus-champawat-news-c-8-1-82466-2023-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: ढाई घंटे परेशान रहे 40 यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: ढाई घंटे परेशान रहे 40 यात्री
Wed, 15 Mar 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। रोडवेज की लोहाघाट डिपो की लोहाघाट से काशीपुर जाने वाली बस ने एक नहीं दो बार दगा दिया। काशीपुर जाते समय और बुधवार को आते वक्त भी। इस कारण वापसी में यात्रियों को ढाई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। आलम यह था कि टनकपुर कार्यशाला में मामूली हॉज पाइप तक नहीं मिला। बाद में इस पाइप को बाजार से खरीदना पड़ा।
काशीपुर से आने वाली लोहाघाट डिपो की बस बुधवार सुबह नौ बजे टनकपुर पहुंची। यहां से साढ़े नौ बजे यह बस लोहाघाट के लिए रवाना हुई लेकिन वहां से नौ किमी दूर बस्तिया के पास ही यह बस खराब हो गई। चालक देवकीनंदन ने बताया कि बस का हॉज पाइप खराब हो गया था। इसलिए सभी 40 यात्रियों सहित बस को वापस टनकपुर ले जाया गया लेकिन टनकपुर कार्यशाला के कर्मचारियों ने बताया कि यह बस पुराने मॉडल की होने के कारण उसमें लगने वाला हॉज पाइप नहीं मिल सका।
बाद में बाजार से हॉज पाइप खरीदकर बस की खामी दूर हुई। तभी यह बस दोपहर 3:30 बजे लोहाघाट पहुंची जबकि आमतौर पर यह बस एक बजे लोहाघाट पहुंचती है। यही बस मंगलवार को लोहाघाट से काशीपुर जाते समय भी सिन्याड़ी के पास अन्य कारण से खराब हुई थी। तब भी डेढ़ घंटे तक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मोहन जोशी सहित कई यात्रियों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। बताया कि बस की हालत भी ठीक नहीं है। कार्यशाला में मामूली उपकरण तक उपलब्ध न होना चिंताजनक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
काशीपुर से आने वाली लोहाघाट डिपो की बस बुधवार सुबह नौ बजे टनकपुर पहुंची। यहां से साढ़े नौ बजे यह बस लोहाघाट के लिए रवाना हुई लेकिन वहां से नौ किमी दूर बस्तिया के पास ही यह बस खराब हो गई। चालक देवकीनंदन ने बताया कि बस का हॉज पाइप खराब हो गया था। इसलिए सभी 40 यात्रियों सहित बस को वापस टनकपुर ले जाया गया लेकिन टनकपुर कार्यशाला के कर्मचारियों ने बताया कि यह बस पुराने मॉडल की होने के कारण उसमें लगने वाला हॉज पाइप नहीं मिल सका।
विज्ञापन
बाद में बाजार से हॉज पाइप खरीदकर बस की खामी दूर हुई। तभी यह बस दोपहर 3:30 बजे लोहाघाट पहुंची जबकि आमतौर पर यह बस एक बजे लोहाघाट पहुंचती है। यही बस मंगलवार को लोहाघाट से काशीपुर जाते समय भी सिन्याड़ी के पास अन्य कारण से खराब हुई थी। तब भी डेढ़ घंटे तक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मोहन जोशी सहित कई यात्रियों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। बताया कि बस की हालत भी ठीक नहीं है। कार्यशाला में मामूली उपकरण तक उपलब्ध न होना चिंताजनक है।
विज्ञापन