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Champawat News: किरोड़ा नाले के उफान में बहे बाइक सवार अतिथि शिक्षक, पुलिस ने बचाया
Wed, 05 Jul 2023 10:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 05 Jul 2023 10:27 PM IST
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पूर्णागिरि मार्ग में उफनाया किरोड़ा नाला और जोखिम उठाकर नाला पार करते यात्री। संवाद
उफनाए नाले ने तीन घंटे रोकी पूर्णागिरि की राह, छह गांवों का सड़क संपर्क भी कटा रहा
टनकपुर (चंपावत)। बुधवार तड़के हुई बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले के कारण करीब तीन घंटे तक पूर्णागिरि मार्ग बाधित रहा। इस बीच पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ, खेतखेड़ा, बसानीगोठ और चिलियाघोल गांव का नाले के उफान पर रहने तक सड़क संपर्क कटा रहा।नाले के दोनों ओर स्कूली बच्चे और यात्री फंसे रहे। नाले के उफान पर आते ही सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात हो गई थी। कई लोगों ने जोखिम उठाकर नाला पार किया। नाला पार करते वक्त बाइक सवार गैंड़ाखाली इंटर कॉलेज के कला विषय के अतिथि शिक्षक कपिल बाइक समेत नाले में बह गए। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचा लिया अन्यथा अनहोनी हो सकती थी। नाले में बही उनकी बाइक भी पुलिस कर्मियों की मदद से निकाल ली गई। संवाद
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आबादी के लिए खतरा बन सकता है बाटनागाड़ का मलबा
एसडीएम ने इंजीनियरों के साथ किया निरीक्षण, खतरा टालने को जरूरी कदम उठाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में बाटनागाड़ नाले में आ रहा भारी मलबा बूम गांव के लिए खतरा बन गया है। नाले और मलबे का रुख सड़क के रास्ते बहकर गांव के करीब पहुंच गया है जो अधिक बारिश होने पर गांव के लिए खतरा बन सकता है। बुधवार को एसडीएम सुंदर सिंह ने लोनिवि और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इंजीनियरों के मुताबिक सड़क पर करीब चार फीट तक मलबा आया है जिसे हटाकर रास्ता खोलने में कम से कम पांच दिन का समय लगेगा।
इधर श्यामलाताल में बिसौरिया नाले से लगी पहाड़ियां लंबे समय से दरक रही हैं जिसका मलबा नाले में डंप होकर बाटनागाड़ पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ आरके यादव और लोनिवि की जेई तनुजा देव ने बताया कि मलबे से नाले का रुख आबादी की ओर मुड गया है जिसे रोकने के लिए जेसीबी और पोकलेन से कटाव वाले स्थान में भरान कराया जा रहा है। उन्होंने
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धारचूला में खतरे के निशान के करीब पहुंची काली नदी
धारचूला में खतरे के निशान से मात्र 0.90 मीटर नीचे बह रही काली नदी
सीमांत जिले में बारिश से 21 सड़कों पर यातायात बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। धारचूला में काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है जिससे नदी किनारे रह रहे लोगों में दहशत है।
धारचूला में काली नदी का जलस्तर 889.90 मीटर पहुंच गया है। इसका खतरे का निशान 889 मीटर पर है। अन्य नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। गोरी नदी जौलजीबी में 604.30 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 606.80 मीटर है। मदकोट में गोरी नदी खतरे के निशान 1214.10 मीटर से अभी दो मीटर दूर है। सरयू नदी का जलस्तर कम हुआ है। बारिश के चलते जिले की 20 सड़कों पर यातायात बाधित है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। पिछले 24 घंटों में बेड़ीनाग में सर्वाधिक और पिथौरागढ़ में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। बुधवार को सुबह के समय रिमझिम बारिश हुई। बाद में मौसम सामान्य हो गया। हालांकि बादल छाए रहे।
इनसेट
पिथौरागढ़ जिले में ये सड़कें हैं बंद
धारचूला में पीएमजीएसवाई की छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसूरीकांठा-होकरा, खेला-गर्गुवा और ग्रिफ की तवाघाट-सोबला सड़क बंद हैं। डीडीहाट की आदिचौरा-हनेरा, डीडीहाट-पमस्यारी, देवविसोना-खेतारकन्याल-गराली, बेड़ीनाग की मालाकोट-लोध, लोनिवि पिथौरागढ़ की मटियाला बैंड-ऊपरतोला, दिगतोली-द्यूड़ी, चंडाक-बांस-आंवलाघाट, गोगना-सल्ला सड़क बंद चल रही है। इनके अलावा बुगांछीना-बाटुला, धरारी-गानुरा, बुंगाछीना-कुसौली, मदकोट-बौना, झापुली-तोमिक, मुवानी-गोबाड़ी और रसैपाटा-मोडी सड़क बंद हैं।
इनसेट
अस्कोट के हुष्कर देव मंदिर को खतरा
अस्कोट। क्षेत्र के देवल स्थित हुष्कर देव मंदिर के पास बीती रात नाली के बहाव से भूस्खलन हो गया। इससे मंदिर परिसर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष बिक्रम सिंह पाल, होशियार सिंह पाल, दिनेश, कर्ण सिंह, वीरजंग और प्रकाश पाल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। बताया कि अस्कोट-नारायण नगर सड़क में कई जगह नालियां चोक हैं। संवाद
इनसेट
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 3.4 एमएम
गंगोलीहाट 32 एमएम
बेड़ीनाग 35 एमएम
डीडीहाट 12.1 एमएम
मुनस्यारी 18.6 एमएम
धारचूला 6.6 एमएम
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आंगन की दीवार ढहने से मकान को खतरा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। अजेड़ा गांव के भूपाल सिंह के मकान के आंगन की सुरक्षा दीवार तेज बारिश में ढह गई है। इसके चलते मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। पीड़ित ने तहसील प्रशासन से आपदा मद से मकान के आगे सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। राजस्व उपनिरीक्षक ओगला ने अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी हैं। एसडीएम अबरार अहमद ने आपदा के कारण खतरनाक स्थिति में आए मकानों में लोगों से न रहने की अपील की है। संवाद
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बाटनागाड़ के हालात और बिगड़े, पूर्णागिरि में फंसे यात्रियों को निकाला
पूर्णागिरि धाम की आवाजाही फिलहाल पूरी तरह बंद, भैरव मांदिर क्षेत्र में फंसीं कई कारें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मंगलवार सुबह से बंद टनकपुर-भैरव मंदिर (पूर्णागिरि) सड़क के हाल दूसरे दिन और भी ज्यादा खराब हो गए। टनकपुर से आठ किलोमीटर दूर पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ क्षेत्र में आठ फीट ऊंचा मलबा एकत्र हो गया है। मंगलवार तड़के से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद है।
पूर्णागिरि क्षेत्र में फंसे करीब 40 तीर्थयात्रियों को बाटनागाड़ के आसपास के कठिन रास्तों से निकाला जा रहा है। ये यात्री कानपुर सहित कई जगहों के हैं। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि फिलहाल आवाजाही बंद होने से मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा भी रोकी गई है। चार जीप-कार भैरव मंदिर क्षेत्र में फंसी हैं। बाटनागाड़ के मलबे से निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर बाटनागड़ से चूका के बीच में आवाजाही ठप है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पोकलेन मशीन से मलबा हटवाकर जल्द आवाजाही शुरू कराई जाए।
बाक्स
एनएच पर मलबा, डेढ़ घंटे ठप रही आवाजाही
बारिश से जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने का बना हुआ है खतरा
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की आठ सड़कें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह स्वांला के पास मलबा आने से करीब डेढ़ घंटे तक आवाजाही ठप रही। इससे कई वाहन फंसे रहे। एनएच के ईई सुनील कुमार ने बताया कि एनएच पर स्वांला के पास सुबह साढ़े छह बजे मलबा आया। मशीनों से मलबे को हटाने के बाद करीब आठ बजे आवाजाही सुचारु हो सकी। एनएच पर कई जगह मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की आठ सड़कें भी बंद हैं।
वैला में बिजली का खंभा ढहा, छीड़ा में बरामदा ध्वस्त
चंपावत/लोहाघाट। बारिश से कई जगह जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वैला सहित तल्लापाल क्षेत्र के कई जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। वैला में भूस्खलन से बिजली का खंभा ढह गया है। ऊर्जा निगम के ईई उमाकांत चतुर्वेदी का कहना है कि टूट-फूट वाले हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। जल्द ही आपूर्ति सुचारू होगी।
वहीं बाराकोट के छीड़ा के द्यारतोली पट्टी में होशियार सिंह पुत्र प्रेम सिंह के आवासीय मकान को आंशिक नुकसान हुआ है। होशियार का बरामदा टूट गया है। सलान गांव के देव सिंह की गाय की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि पीड़ित परिवारों को दैवी आपदा मद से मुआवजा देने की कार्यवाही की जा रही है।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
टनकपुर-ठुलीगाड़, किमतोली-रौसाल-ढरोज, कजीना-पुनौली, खटोली मल्ली-वैला, लड़ाबोरा-क्वारसिंह, भनोली-सिब्योली, धौन-दियूरी-बजौन और धौन-बड़ौली।
जिले की बारिश का आकड़ा (मिलीमीटर)
चंपावत : 20
बनबसा : 11
लोहाघाट : 02
पाटी : 7.50
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टनकपुर (चंपावत)। बुधवार तड़के हुई बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले के कारण करीब तीन घंटे तक पूर्णागिरि मार्ग बाधित रहा। इस बीच पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ, खेतखेड़ा, बसानीगोठ और चिलियाघोल गांव का नाले के उफान पर रहने तक सड़क संपर्क कटा रहा।नाले के दोनों ओर स्कूली बच्चे और यात्री फंसे रहे। नाले के उफान पर आते ही सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात हो गई थी। कई लोगों ने जोखिम उठाकर नाला पार किया। नाला पार करते वक्त बाइक सवार गैंड़ाखाली इंटर कॉलेज के कला विषय के अतिथि शिक्षक कपिल बाइक समेत नाले में बह गए। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचा लिया अन्यथा अनहोनी हो सकती थी। नाले में बही उनकी बाइक भी पुलिस कर्मियों की मदद से निकाल ली गई। संवाद
आबादी के लिए खतरा बन सकता है बाटनागाड़ का मलबा
एसडीएम ने इंजीनियरों के साथ किया निरीक्षण, खतरा टालने को जरूरी कदम उठाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में बाटनागाड़ नाले में आ रहा भारी मलबा बूम गांव के लिए खतरा बन गया है। नाले और मलबे का रुख सड़क के रास्ते बहकर गांव के करीब पहुंच गया है जो अधिक बारिश होने पर गांव के लिए खतरा बन सकता है। बुधवार को एसडीएम सुंदर सिंह ने लोनिवि और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इंजीनियरों के मुताबिक सड़क पर करीब चार फीट तक मलबा आया है जिसे हटाकर रास्ता खोलने में कम से कम पांच दिन का समय लगेगा।
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इधर श्यामलाताल में बिसौरिया नाले से लगी पहाड़ियां लंबे समय से दरक रही हैं जिसका मलबा नाले में डंप होकर बाटनागाड़ पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ आरके यादव और लोनिवि की जेई तनुजा देव ने बताया कि मलबे से नाले का रुख आबादी की ओर मुड गया है जिसे रोकने के लिए जेसीबी और पोकलेन से कटाव वाले स्थान में भरान कराया जा रहा है। उन्होंने
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धारचूला में खतरे के निशान के करीब पहुंची काली नदी
धारचूला में खतरे के निशान से मात्र 0.90 मीटर नीचे बह रही काली नदी
सीमांत जिले में बारिश से 21 सड़कों पर यातायात बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। धारचूला में काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है जिससे नदी किनारे रह रहे लोगों में दहशत है।
धारचूला में काली नदी का जलस्तर 889.90 मीटर पहुंच गया है। इसका खतरे का निशान 889 मीटर पर है। अन्य नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। गोरी नदी जौलजीबी में 604.30 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 606.80 मीटर है। मदकोट में गोरी नदी खतरे के निशान 1214.10 मीटर से अभी दो मीटर दूर है। सरयू नदी का जलस्तर कम हुआ है। बारिश के चलते जिले की 20 सड़कों पर यातायात बाधित है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। पिछले 24 घंटों में बेड़ीनाग में सर्वाधिक और पिथौरागढ़ में सबसे कम बारिश दर्ज की गई। बुधवार को सुबह के समय रिमझिम बारिश हुई। बाद में मौसम सामान्य हो गया। हालांकि बादल छाए रहे।
इनसेट
पिथौरागढ़ जिले में ये सड़कें हैं बंद
धारचूला में पीएमजीएसवाई की छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसूरीकांठा-होकरा, खेला-गर्गुवा और ग्रिफ की तवाघाट-सोबला सड़क बंद हैं। डीडीहाट की आदिचौरा-हनेरा, डीडीहाट-पमस्यारी, देवविसोना-खेतारकन्याल-गराली, बेड़ीनाग की मालाकोट-लोध, लोनिवि पिथौरागढ़ की मटियाला बैंड-ऊपरतोला, दिगतोली-द्यूड़ी, चंडाक-बांस-आंवलाघाट, गोगना-सल्ला सड़क बंद चल रही है। इनके अलावा बुगांछीना-बाटुला, धरारी-गानुरा, बुंगाछीना-कुसौली, मदकोट-बौना, झापुली-तोमिक, मुवानी-गोबाड़ी और रसैपाटा-मोडी सड़क बंद हैं।
इनसेट
अस्कोट के हुष्कर देव मंदिर को खतरा
अस्कोट। क्षेत्र के देवल स्थित हुष्कर देव मंदिर के पास बीती रात नाली के बहाव से भूस्खलन हो गया। इससे मंदिर परिसर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष बिक्रम सिंह पाल, होशियार सिंह पाल, दिनेश, कर्ण सिंह, वीरजंग और प्रकाश पाल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। बताया कि अस्कोट-नारायण नगर सड़क में कई जगह नालियां चोक हैं। संवाद
इनसेट
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़ 3.4 एमएम
गंगोलीहाट 32 एमएम
बेड़ीनाग 35 एमएम
डीडीहाट 12.1 एमएम
मुनस्यारी 18.6 एमएम
धारचूला 6.6 एमएम
आंगन की दीवार ढहने से मकान को खतरा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। अजेड़ा गांव के भूपाल सिंह के मकान के आंगन की सुरक्षा दीवार तेज बारिश में ढह गई है। इसके चलते मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। पीड़ित ने तहसील प्रशासन से आपदा मद से मकान के आगे सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। राजस्व उपनिरीक्षक ओगला ने अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी हैं। एसडीएम अबरार अहमद ने आपदा के कारण खतरनाक स्थिति में आए मकानों में लोगों से न रहने की अपील की है। संवाद
बाटनागाड़ के हालात और बिगड़े, पूर्णागिरि में फंसे यात्रियों को निकाला
पूर्णागिरि धाम की आवाजाही फिलहाल पूरी तरह बंद, भैरव मांदिर क्षेत्र में फंसीं कई कारें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मंगलवार सुबह से बंद टनकपुर-भैरव मंदिर (पूर्णागिरि) सड़क के हाल दूसरे दिन और भी ज्यादा खराब हो गए। टनकपुर से आठ किलोमीटर दूर पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ क्षेत्र में आठ फीट ऊंचा मलबा एकत्र हो गया है। मंगलवार तड़के से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद है।
पूर्णागिरि क्षेत्र में फंसे करीब 40 तीर्थयात्रियों को बाटनागाड़ के आसपास के कठिन रास्तों से निकाला जा रहा है। ये यात्री कानपुर सहित कई जगहों के हैं। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि फिलहाल आवाजाही बंद होने से मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा भी रोकी गई है। चार जीप-कार भैरव मंदिर क्षेत्र में फंसी हैं। बाटनागाड़ के मलबे से निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क पर बाटनागड़ से चूका के बीच में आवाजाही ठप है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पोकलेन मशीन से मलबा हटवाकर जल्द आवाजाही शुरू कराई जाए।
बाक्स
एनएच पर मलबा, डेढ़ घंटे ठप रही आवाजाही
बारिश से जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने का बना हुआ है खतरा
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की आठ सड़कें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह स्वांला के पास मलबा आने से करीब डेढ़ घंटे तक आवाजाही ठप रही। इससे कई वाहन फंसे रहे। एनएच के ईई सुनील कुमार ने बताया कि एनएच पर स्वांला के पास सुबह साढ़े छह बजे मलबा आया। मशीनों से मलबे को हटाने के बाद करीब आठ बजे आवाजाही सुचारु हो सकी। एनएच पर कई जगह मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं चंपावत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की आठ सड़कें भी बंद हैं।
वैला में बिजली का खंभा ढहा, छीड़ा में बरामदा ध्वस्त
चंपावत/लोहाघाट। बारिश से कई जगह जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वैला सहित तल्लापाल क्षेत्र के कई जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। वैला में भूस्खलन से बिजली का खंभा ढह गया है। ऊर्जा निगम के ईई उमाकांत चतुर्वेदी का कहना है कि टूट-फूट वाले हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। जल्द ही आपूर्ति सुचारू होगी।
वहीं बाराकोट के छीड़ा के द्यारतोली पट्टी में होशियार सिंह पुत्र प्रेम सिंह के आवासीय मकान को आंशिक नुकसान हुआ है। होशियार का बरामदा टूट गया है। सलान गांव के देव सिंह की गाय की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई है। तहसीलदार विजय गोस्वामी ने बताया कि पीड़ित परिवारों को दैवी आपदा मद से मुआवजा देने की कार्यवाही की जा रही है।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
टनकपुर-ठुलीगाड़, किमतोली-रौसाल-ढरोज, कजीना-पुनौली, खटोली मल्ली-वैला, लड़ाबोरा-क्वारसिंह, भनोली-सिब्योली, धौन-दियूरी-बजौन और धौन-बड़ौली।
जिले की बारिश का आकड़ा (मिलीमीटर)
चंपावत : 20
बनबसा : 11
लोहाघाट : 02
पाटी : 7.50