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चंपावत में देर शाम पहुंचा कैश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 23 Nov 2016 10:56 PM IST
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बैंक में उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। नोटबंदी के बाद से नकदी की किल्लत झेल रहे चंपावत में बुधवार को भी राहत नहीं मिली। बैंकों में लंबी लाइन लगी रही। अलबत्ता देर शाम कैश पहुंच गया है। लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत ने कैश की राशि तो नहीं बताई, अलबत्ता कहा कि इस राशि से अगले दो महीने तक नगदी की दिक्कत नहीं आएगी।
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सूत्रों ने बताया कि यहां 40 करोड़ रुपए पहुंचे हैं। बैंक अधिकारियों ने कहा कि 500 रुपए के नए नोट आने की जानकारी बृहस्पतिवार को हो मिल सकेगी। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती का कहना है कि बृहस्पतिवार से व्यवस्था सुचारु हो सकेगी। अलबत्ता बुधवार को शादी वालों को भी 40 हजार रुपए से अधिक की रकम नहीं मिल सकी। वहीं दूसरे बैंकों में नगदी का संकट है। कुछ बैंकों में 5, 10 रुपए के सिक्के बहुतायत में हैं।
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लोहाघाट में एसबीआई में रकम निकालने और जमा करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। पूर्वाह्न 11 बजे तक बैंक में उपलब्ध 12 लाख रुपए उपभोक्ताओं को बांटने के बाद बैंक में कैश समाप्त हो गया था। दोपहर करीब 2:20 बजे चंपावत से बैंक को मात्र 11 लाख रुपए मिले। ये रकम भी दो घंटे में बंट गई। घंटों लाइन में लगे कई लोगों को लौटना पड़ा। प्रभारी शाखा प्रबंधक एसएच मिश्रा ने बताया कि बैंक की ओर से प्रत्येक ग्राहकों को अधिकतम 10 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है।
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यहां विवाह के लिए मंगलवार तक 13 लोगों को 18:52 लाख रुपए दिया जा चुका है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक में उपभोक्ताओं को चार हजार रुपए का भुगतान किया गया। शाखा प्रबंधक हरीश चंद्र तिवारी का कहना है कि बैंक में आठ लाख रुपए का भुगतान करीब 12:20 बजे तक किया गया। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, डाकघर में कैश की कमी के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कैश न मिलने से लोगों को निराश लौटना पड़ा।
चंपावत। नोटबंदी के बाद से यहां विभिन्न बैंक 19 लोगों को कुल 31 लाख रुपए दे चुके हैं। मगर ढेरों ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें शादी के लिए दूसरी जगह से रुपए और दूसरे साधनों का जुगाड़ करना पड़ रहा है। सिमियां गांव के तान सिंह, गौरव सिंह से लेकर सिप्टी, फुलारगांव, धौन, तल्लादेश क्षेत्र के कई लोग विवाह के लिए नगदी की कमी से परेशान हैं। उनकी इस परेशानी का समाधान मुख्यालय के किराना कारोबारी कमल राय ने किया।
वे 16 लोगों के विवाह के लिए उधार में खाने-पीने का करीब सवा दो लाख रुपए का सामान दे चुके हैं। कपड़ा और सब्जी की उधार की व्यवस्था भी उन्होंने कराई है। साथ ही कई जरूरतमंदों को पांच हजार रुपए तक की नगदी भी उपलब्ध कराई है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स विक्रेता नवीन सुतेड़ी ने शादी के लिए टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, फ्रिज, इंडक्शन चूल्हा, मिक्सी आदि उधार में दी है। उनका कहना है कि ब्याह के लिए परिचितों को पांच लाख रुपए तक का उधार दे चुके हैं।
चंपावत। बीते एक सप्ताह से पुराने नोटों को यहां नहीं बदला जा रहा है। इसकी वजह उंगली में लगने वाली स्याही का नहीं मिलना है। भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बताया कि अब स्याही के बजाय स्टिकर लगाकर रुपए बदले जाएंगे। स्टिकर एसबीआई के अल्मोड़ा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंच चुके हैं। दो दिन में ये स्टिकर चंपावत में पहुंच जाएंगे। इसके बाद फिर से पुराने नोटों को बदलने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
लोहाघाट (चंपावत)। बेटे की शादी के लिए एसबीआई से पैसा निकालने के लिए आई कुनाड़ी गांव की सरू देवी बेटे की शादी का कार्ड लेकर बैंक में पहुंची हुई थी, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि शादी के कार्ड के अलावा और क्या कागजात जमा करने पड़ेंगे। इसकी जानकारी लेने के लिए वह कुछ समय परेशान रही। बाद में बैंककर्मियों ने उन्हें आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी दी गई। सरू देवी का कहना था कि वह बेटे की शादी के लिए 60 हजार रुपए निकालने आई है। बैंक में कैश की कमी के चलते उन्हें निराश लौटना पड़ा।
लोहाघाट (चंपावत)। एसबीआई में सीनियर सिटीजनों के लिए कोई अलग लाइन की व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके चलते बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गल्लागांव के 78 वर्षीय वृद्ध धन सिंह भी पैसा निकालने के लिए लाइन में लगे थे। भीड़ के चलते लंबी लाइन होने के कारण वह थककर लाइन में बैठे थे। करीब एक घंटे लाइन में लने के बावजूद कैश खत्म होने से भुगतान नहीं हो पाया।
चंपावत। जिला मुख्यालय में देर शाम इक्का-दुक्का एटीएम खुले, जबकि लोहाघाट में करीब 12:30 बजे बैंक ऑफ बड़ौदा और दो बजे डाकबंगला रोड स्थित एसबीआई का एटीएम ही चालू हो सका। इससे उपभोक्ताओं को दो हजार रुपए का भुगतान मिल रहा था। एटीएम से कैश निकालने के लिए लोगों की सड़क में लंबी लाइन लगी थी।