{"_id":"60490dda8ebc3e8d03345349","slug":"asha-workers-outraged-by-sterilization-operation-champawat-news-hld417736975","type":"story","status":"publish","title_hn":"नसबंदी ऑपरेशन खराब होने से भड़कीं आशा कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नसबंदी ऑपरेशन खराब होने से भड़कीं आशा कार्यकर्ता
विज्ञापन
चंपावत कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ताएं।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। आशा कार्यकर्ता संगठन ने परिवार नियोजन के राष्ट्रीय कार्यक्रम में हीलाहवाली का आरोप लगाया है। बुधवार को उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा और सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। आरोप लगाया कि एक माह के भीतर आठ महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशनों के केस में दिक्कत पेश आई है।
चंपावत जिले में बीते एक माह में लगे शिविरों में सौ से अधिक महिलाओं के ऑपरेशन हुए। आशा कार्यकर्ता संगठन का आरोप है कि आशाएं गांव से महिलाओं को प्रेरित कर ऑपरेशन के लिए शिविर में लाती हैं, लेकिन ऑपरेशन के बाद इनमें से आठ केस खराब हो चुके हैं। इससे महिलाओं को तो दिक्कत हो ही रही है, साथ ही गांव में उन्हें (आशा कार्यकर्ताओं को) भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। संगठन ने नसबंदी ऑपरेशन महिला सर्जन से ही कराने का आग्रह किया है।
कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। संगठन ने कोरोना काल में उम्दा काम के बावजूद प्रोत्साहित नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कार्यकर्ताओं को समय पर मानदेय देने के साथ रकम बढ़ाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा, सचिव पदमा पृथोली, रीता सिंह, रीना सिंह, रेखा बिष्ट, जयंती उपाध्याय, गीता पंत, हेमा जोशी, सुनीता जोशी, ममता देवी, आयशा बानू आदि शामिल थे। इधर डीएम विनीत तोमर ने मामले की जांच करा जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
कोट
नसबंदी ऑपरेशन गड़बड़ होने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई दिक्कत है, तो आशा कार्यकर्ता उन्हें विधिवत सूचना दें। ताकि ऐसे मामलों को ठीक किया जा सके। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को पूरी संजीदगी से अंजाम दिया जाएगा। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
विज्ञापन
चंपावत जिले में बीते एक माह में लगे शिविरों में सौ से अधिक महिलाओं के ऑपरेशन हुए। आशा कार्यकर्ता संगठन का आरोप है कि आशाएं गांव से महिलाओं को प्रेरित कर ऑपरेशन के लिए शिविर में लाती हैं, लेकिन ऑपरेशन के बाद इनमें से आठ केस खराब हो चुके हैं। इससे महिलाओं को तो दिक्कत हो ही रही है, साथ ही गांव में उन्हें (आशा कार्यकर्ताओं को) भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। संगठन ने नसबंदी ऑपरेशन महिला सर्जन से ही कराने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। संगठन ने कोरोना काल में उम्दा काम के बावजूद प्रोत्साहित नहीं करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि कार्यकर्ताओं को समय पर मानदेय देने के साथ रकम बढ़ाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा, सचिव पदमा पृथोली, रीता सिंह, रीना सिंह, रेखा बिष्ट, जयंती उपाध्याय, गीता पंत, हेमा जोशी, सुनीता जोशी, ममता देवी, आयशा बानू आदि शामिल थे। इधर डीएम विनीत तोमर ने मामले की जांच करा जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
कोट
नसबंदी ऑपरेशन गड़बड़ होने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई दिक्कत है, तो आशा कार्यकर्ता उन्हें विधिवत सूचना दें। ताकि ऐसे मामलों को ठीक किया जा सके। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को पूरी संजीदगी से अंजाम दिया जाएगा। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।