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ईओ-पालिकाध्यक्ष में तकरार, अभद्रता के आरोप पर चेयरमैन पर मुकदमा
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ईओ-चेयरमैन विवाद में कोतवाली में उमड़े ईओ समर्थक। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही चंपावत नगर पालिका में बृहस्पतिवार को नया बखेड़ा हो गया। अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने पालिकाध्यक्ष और एक सभासद पर अभद्रता करने और धमकाने का आरोप लगाया है। ईओ की तहरीर पर दोनों नेताओं के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों नेताओं ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
छठ की छुट्टी के बाद बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक होनी थी। बैठक के लिए सभासद, ईओ भी पहुंचे। निविदा खुलने की तिथि होने की वजह से पालिका परिसर में कुछ ठेकेदार भी मौजूद थे। इसी बीच पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने बोर्ड बैठक रजिस्टर मांगा तो ईओ ने अलमारी की चॉबी नहीं होने की बात कही। इसके बाद ईओ अपने चैंबर में चले गए। इस पर चेयरमैन, सभासद मोहन भट्ट की ईओ कक्ष में नोकझोंक होने लगी। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी का आरोप है कि चेयरमैन और सभासद ने मारपीट की कोशिश की, जिसमें उनकी कमीज का बटन भी टूट गया। अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का भी ईओ ने आरोप लगाया। इओ का कहना है कि कक्ष से भागकर उन्होंने जान बचाई। ईओ ने दोनों नेताओं के खिलाफ एसपी देवेंद्र पींचा से कार्रवाई का आग्रह किया। एसपी के निर्देश पर कोतवाल शांति प्रसाद गंगवार ने चेयरमैन वर्मा और सभासद भट्ट के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं ईओ: चेयरमैन
ईओ के आरोप बेबुनियाद हैं, वे आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं। 28 अक्तूबर को निविदा निरस्त करने के आदेश दिए गए थे। ईओ ने आदेश की अनदेखी करते हुए विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं की। इसके चलते बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक तय की गई थी, जिसमें निविदा निरस्त करने के साथ निविदा राशि ठेकेदारों को वापस करने, बिजली, सफाई, कबाड़ की नीलामी पर चर्चा होनी थी। इसी बीच बोर्ड बैठक से संबंधित रजिस्टर मांगा तो ईओ ने चाभी नहीं होने की बात कही। बैठक की जानकारी भी ईओ ने सभासदों को नहीं दी। उनके रवैये से विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। - विजय वर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका, चंपावत।
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गलत कार्यों के लिए बनाया जा रहा दबाव: ईओ
पालिकाध्यक्ष और कुछ सभासद लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। नियमविरुद्ध काम करने का दबाव डाला जा रहा है। पिछले महीने निविदा प्रकाशित होने के बाद निविदा फार्म बिके। सिर्फ निविदा पत्रों से ही पालिका को साढ़े सात लाख रुपये की आय हुई। फार्म बिकने और बगैर किसी ठोस कारण के निविदा निरस्त करना गलत है। वैसे भी चेयरमैन का निविदाओं को निरस्त करने का पत्र मुझे नहीं मिला। चेयरमैन दस कार्यों को कुछ सभासदों को देने के लिए दबाव डाल रहे थे। लेकिन ऐसा करने से मैंने मना कर दिया। मुझे बोर्ड बैठक बुलाने का पत्र मिला, उसके अनुरूप सभासदों को जानकारी दे दी। चाभी नहीं देने का आरोप भी गलत है।
- भूपेंद्र प्रकाश जोशी, ईओ, चंपावत।
ईओ के तबादले को धरना भी दे चुके हैं चेयरमैन
चंपावत। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी की प्रतिनियुक्ति पर तीन महीने पहले ही चंपावत नगर पालिका में तैनाती हुई है। संयुक्त कर्मचारी संघ के तेज-तर्रार नेता के रूप में उनकी पहचान रही है। लेकिन ईओ के आने के कुछ समय बाद ही ईओ और कांग्रेस से संबंध रखने वाले नगर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा के बीच टकराव शुरू हो गया। अविश्ववास इस कदर बढ़ गया कि चेयरमैन ने पिछले महीने ईओ के तबादले के लिए धरना तक दिया।
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छठ की छुट्टी के बाद बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक होनी थी। बैठक के लिए सभासद, ईओ भी पहुंचे। निविदा खुलने की तिथि होने की वजह से पालिका परिसर में कुछ ठेकेदार भी मौजूद थे। इसी बीच पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने बोर्ड बैठक रजिस्टर मांगा तो ईओ ने अलमारी की चॉबी नहीं होने की बात कही। इसके बाद ईओ अपने चैंबर में चले गए। इस पर चेयरमैन, सभासद मोहन भट्ट की ईओ कक्ष में नोकझोंक होने लगी। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी का आरोप है कि चेयरमैन और सभासद ने मारपीट की कोशिश की, जिसमें उनकी कमीज का बटन भी टूट गया। अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का भी ईओ ने आरोप लगाया। इओ का कहना है कि कक्ष से भागकर उन्होंने जान बचाई। ईओ ने दोनों नेताओं के खिलाफ एसपी देवेंद्र पींचा से कार्रवाई का आग्रह किया। एसपी के निर्देश पर कोतवाल शांति प्रसाद गंगवार ने चेयरमैन वर्मा और सभासद भट्ट के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं ईओ: चेयरमैन
ईओ के आरोप बेबुनियाद हैं, वे आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं। 28 अक्तूबर को निविदा निरस्त करने के आदेश दिए गए थे। ईओ ने आदेश की अनदेखी करते हुए विज्ञप्ति प्रकाशित नहीं की। इसके चलते बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक तय की गई थी, जिसमें निविदा निरस्त करने के साथ निविदा राशि ठेकेदारों को वापस करने, बिजली, सफाई, कबाड़ की नीलामी पर चर्चा होनी थी। इसी बीच बोर्ड बैठक से संबंधित रजिस्टर मांगा तो ईओ ने चाभी नहीं होने की बात कही। बैठक की जानकारी भी ईओ ने सभासदों को नहीं दी। उनके रवैये से विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। - विजय वर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका, चंपावत।
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गलत कार्यों के लिए बनाया जा रहा दबाव: ईओ
पालिकाध्यक्ष और कुछ सभासद लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। नियमविरुद्ध काम करने का दबाव डाला जा रहा है। पिछले महीने निविदा प्रकाशित होने के बाद निविदा फार्म बिके। सिर्फ निविदा पत्रों से ही पालिका को साढ़े सात लाख रुपये की आय हुई। फार्म बिकने और बगैर किसी ठोस कारण के निविदा निरस्त करना गलत है। वैसे भी चेयरमैन का निविदाओं को निरस्त करने का पत्र मुझे नहीं मिला। चेयरमैन दस कार्यों को कुछ सभासदों को देने के लिए दबाव डाल रहे थे। लेकिन ऐसा करने से मैंने मना कर दिया। मुझे बोर्ड बैठक बुलाने का पत्र मिला, उसके अनुरूप सभासदों को जानकारी दे दी। चाभी नहीं देने का आरोप भी गलत है।
- भूपेंद्र प्रकाश जोशी, ईओ, चंपावत।
ईओ के तबादले को धरना भी दे चुके हैं चेयरमैन
चंपावत। ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी की प्रतिनियुक्ति पर तीन महीने पहले ही चंपावत नगर पालिका में तैनाती हुई है। संयुक्त कर्मचारी संघ के तेज-तर्रार नेता के रूप में उनकी पहचान रही है। लेकिन ईओ के आने के कुछ समय बाद ही ईओ और कांग्रेस से संबंध रखने वाले नगर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा के बीच टकराव शुरू हो गया। अविश्ववास इस कदर बढ़ गया कि चेयरमैन ने पिछले महीने ईओ के तबादले के लिए धरना तक दिया।