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मडुवे की खेती को बढ़ावा दे रहे ग्यूनाड़ा के किसान
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:28 PM IST
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राज्य सरकार की ओर से मडुवे की फसल को प्रोत्साहन देने के बाद किसान भी इस क्षेत्र में आगे आ रहे हैं। चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के ग्यूनाड़ा और गुमौद क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर मडुवे की खेती कर रहे हैं। यहां डेढ़ सौ से अधिक परिवार तीन सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में मडुवेे की खेती कर रहे हैं।
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यहां के किसानों का कहना है कि सरकार जंगली जानवर और बंदरों से खेती को संरक्षित करने के कार्य में सहयोग करे तो और अधिक क्षेत्र में मडुवेे का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। किसान शेर सिंह, भवानी दत्त जोशी, तुलसी देवी, जगत सिंह, राधे सिंह, रेवाधर, देव सिंह रावत, पूरन सिंह का कहना है कि यदि कृषि विभाग की ओर से इस क्षेत्र में कटीले तारों की घेरबाड़ की जाए तो भविष्य में यह क्षेत्र मडुवेे की खेती का हब बन सकता है।
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भेषज समन्वयक को बनाया नोडल अधिकारी
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने जिला भेषज समन्वयक राकेश वर्मा को ग्यूनाड़ा क्षेत्र में मडुवे की खेती को बढ़ावा देने के संबंध में नोडल अधिकारी नामित किया है। वर्मा का कहना है कि ग्यूनाड़ा ग्राम पंचायत के मल्ली ग्यूनाड़ा, तल्ली ग्यूनाड़ा, गुमौद, बापरु और गैरी में मडुवे की खेती व्यापक पैमाने पर की जा रही है। लेकिन यहां के किसानाें को जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से जूझना पड़ रहा है। स्थलीय निरीक्षण के बाद उन्होंने खेती को बचाने के लिए तारबाड़ की संस्तुति जिला प्रशासन से की है।
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जिले में मडुवे की खेती का रकबा बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इसी के साथ ही विभिन्न स्थानों में खेतों की सुरक्षा के लिए बंदरबाड़े बनाने के साथ ही कटीले तार लगाए जा रहे हैं। यदि क्षेत्र के ग्रामीण प्रस्ताव भेजें तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
- आरएल चंद्रावल, मुख्य कृषि अधिकारी चंपावत।