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Champawat News: मांगों की अनदेखी से राजकीय शिक्षक संघ में आक्रोश
Mon, 13 Nov 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 13 Nov 2023 11:16 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय शिक्षक संघ ने प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने सहित विभिन्न मांगें पूरी न होने पर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है। अक्रोशित शिक्षकों ने 17 नवंबर से शिक्षण कार्य के अलावा कोई भी अन्य काम न करने का एलान किया है।
राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी ने बताया कि प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक पदों पर शीघ्र पदोन्नति करने, वेतन विसंगति को दूर करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, स्थानांतरण एक्ट संशोधन करने आदि मांगों को लेकर शिक्षक लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इन मांगों को पूरा करने के लिए शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई थी लेकिन मांगों को अनदेखा किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि शासन और शिक्षा विभाग की उपेक्षा के चलते शिक्षक आंदोलनरत हैं। कहा कि छह चरणों के आंदोलन के बाद भी कोई कार्यवाही न होने से संघ के शिक्षक 17 नवंबर से शिक्षक शिक्षण कार्य के अलावा बीएलओ ड्यूटी, विभागीय प्रशिक्षण, कार्यशाला, खेल महाकुंभ, बाल गणना सहित अन्य विभागीय कार्यों में भागीदारी नहीं करेंगे। 17 नवंबर से पहले सभी प्रभारी प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य का कार्यभार देख रहे शिक्षक 17 नवंबर तक अपने अपने कार्य से मुक्त हो जाएंगे जिसका नोटिस विभागीय अधिकारियों को दिया जा चुका है।
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राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी ने बताया कि प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक पदों पर शीघ्र पदोन्नति करने, वेतन विसंगति को दूर करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, स्थानांतरण एक्ट संशोधन करने आदि मांगों को लेकर शिक्षक लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इन मांगों को पूरा करने के लिए शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई थी लेकिन मांगों को अनदेखा किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अध्यक्ष ने कहा कि शासन और शिक्षा विभाग की उपेक्षा के चलते शिक्षक आंदोलनरत हैं। कहा कि छह चरणों के आंदोलन के बाद भी कोई कार्यवाही न होने से संघ के शिक्षक 17 नवंबर से शिक्षक शिक्षण कार्य के अलावा बीएलओ ड्यूटी, विभागीय प्रशिक्षण, कार्यशाला, खेल महाकुंभ, बाल गणना सहित अन्य विभागीय कार्यों में भागीदारी नहीं करेंगे। 17 नवंबर से पहले सभी प्रभारी प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य का कार्यभार देख रहे शिक्षक 17 नवंबर तक अपने अपने कार्य से मुक्त हो जाएंगे जिसका नोटिस विभागीय अधिकारियों को दिया जा चुका है।
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