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बारहमासी सड़क : सूरज ढलने के बाद थम जाते हैं वाहनों के पहिये
Tue, 17 Oct 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 17 Oct 2023 11:34 PM IST
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डीएम नवनीत पांडे।
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण चारधाम परियोजना का हिस्सा है। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक से ये निर्मित यह बारहमासी 12 माह के बजाय 12 घंटे की सड़क बनी हुई है। हर तरह के मौसम और हर पल के लिए अनुकूल बताने के बावजूद यह सड़क सूरज ढलने के बाद वाहनों के आवागमन के लिए बंद है। सड़क पर सिर्फ दिन के उजाले में वाहन चलते हैं। रात में इस राजमार्ग पर पहिये थम जाते हैं। रात की आवाजाही बंद होने से व्यापारियों से लेकर आम लोगों को परेशानी होती है।
वर्ष 2017 से शुरू 150 किमी लंबी बारहमासी सड़क दिसंबर 2022 में पूरी हुई। दो माह पहले बारहमासी सड़क पर चल्थी पुल भी पूरा हुआ। दो दशक तक रात में आवाजाही बंद रही। इस साल 18 मार्च से रात की आवाजाही शुरू भी की गई लेकिन जिला प्रशासन ने बरसात में पहली जुलाई से फिर से रात छह बजे से सुबह छह बजे तक एनएच पर आवागमन पर रोक लगाई गई। रात को सिर्फ एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाएं, सब्जी और अन्य आकस्मिक सेवाएं ही इस प्रतिबंध से मुक्त हैं। संवाद
इस अवधि में हटी था रात में आवाजाही पर रोक
- 27 फरवरी 2021 से 16 जून 2021 तक।
- 18 मार्च 2023 से 30 जून 2023 तक।
पहाड़ में रात को आवाजाही के फायदे
- मैदान की अपेक्षा पहाड़ में रात को आवाजाही अधिक सुरक्षित, विपरीत दिशा से आने वाले वाहन का दूर से समय रहते पता चल जाता है।
- एनएच पर चल्थी, चंपावत, बाराकोट और घाट में पुलिस चौकी, थाना होने के अलावा 2021 से पुलिस की हिल पेट्रोलिंग यूनिट भी है।
- एनएच पर संचार सुविधा में सुधार होने के साथ ही सूखीढांग के अलावा तल्लादेश और गुमदेश में आपात सेवा 108 की एंबुलेंस सेवाएं हैं।
जिला प्रशासन ने इन विभागों से मांगी है आख्या
- एनएच और लोनिवि : राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत।
- वन विभाग : एनएच पर सूखीढांग क्षेत्र में तेंदुए की आहट के मद्देनजर।
- स्वास्थ्य विभाग : आपात सेवा से संबंधित एंबुलेंस के हालात।
- पुलिस : हिल पेट्रोलिंग की स्थिति।
- रोडवेज : बस की संख्या और आवाजाही का समय।
- परिवहन विभाग: वाहनों की फिटनेस से लेकर रात में वाहन चालकों की नींद और नशामुक्त होने की सुनिश्चितता।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरसात के दौरान रात्रि संचालन पर जिला प्रशासन ने रोक लगाई थी। रात के संचालन के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। संबंधित विभागों से आख्या मांगी गई है। इस आख्या के बाद संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण चारधाम परियोजना का हिस्सा है। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक से ये निर्मित यह बारहमासी 12 माह के बजाय 12 घंटे की सड़क बनी हुई है। हर तरह के मौसम और हर पल के लिए अनुकूल बताने के बावजूद यह सड़क सूरज ढलने के बाद वाहनों के आवागमन के लिए बंद है। सड़क पर सिर्फ दिन के उजाले में वाहन चलते हैं। रात में इस राजमार्ग पर पहिये थम जाते हैं। रात की आवाजाही बंद होने से व्यापारियों से लेकर आम लोगों को परेशानी होती है।
वर्ष 2017 से शुरू 150 किमी लंबी बारहमासी सड़क दिसंबर 2022 में पूरी हुई। दो माह पहले बारहमासी सड़क पर चल्थी पुल भी पूरा हुआ। दो दशक तक रात में आवाजाही बंद रही। इस साल 18 मार्च से रात की आवाजाही शुरू भी की गई लेकिन जिला प्रशासन ने बरसात में पहली जुलाई से फिर से रात छह बजे से सुबह छह बजे तक एनएच पर आवागमन पर रोक लगाई गई। रात को सिर्फ एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाएं, सब्जी और अन्य आकस्मिक सेवाएं ही इस प्रतिबंध से मुक्त हैं। संवाद
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इस अवधि में हटी था रात में आवाजाही पर रोक
- 27 फरवरी 2021 से 16 जून 2021 तक।
- 18 मार्च 2023 से 30 जून 2023 तक।
पहाड़ में रात को आवाजाही के फायदे
- मैदान की अपेक्षा पहाड़ में रात को आवाजाही अधिक सुरक्षित, विपरीत दिशा से आने वाले वाहन का दूर से समय रहते पता चल जाता है।
- एनएच पर चल्थी, चंपावत, बाराकोट और घाट में पुलिस चौकी, थाना होने के अलावा 2021 से पुलिस की हिल पेट्रोलिंग यूनिट भी है।
- एनएच पर संचार सुविधा में सुधार होने के साथ ही सूखीढांग के अलावा तल्लादेश और गुमदेश में आपात सेवा 108 की एंबुलेंस सेवाएं हैं।
जिला प्रशासन ने इन विभागों से मांगी है आख्या
- एनएच और लोनिवि : राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत।
- वन विभाग : एनएच पर सूखीढांग क्षेत्र में तेंदुए की आहट के मद्देनजर।
- स्वास्थ्य विभाग : आपात सेवा से संबंधित एंबुलेंस के हालात।
- पुलिस : हिल पेट्रोलिंग की स्थिति।
- रोडवेज : बस की संख्या और आवाजाही का समय।
- परिवहन विभाग: वाहनों की फिटनेस से लेकर रात में वाहन चालकों की नींद और नशामुक्त होने की सुनिश्चितता।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरसात के दौरान रात्रि संचालन पर जिला प्रशासन ने रोक लगाई थी। रात के संचालन के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। संबंधित विभागों से आख्या मांगी गई है। इस आख्या के बाद संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
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