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बारहमासी सड़क:
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सूखीढांग में सड़क में आए मलबे में दबे पेयजल कनेक्शन।
- फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जला मुख्यालय से 50 किमी दूरी पर स्थित बृजनगर-सूखीढांग में मलबे के ढेर के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को मार्ग पर कुल 1-15 घंटे जाम लगा।
बीते रविवार को दुकानों के ठीक ऊपर पहाड़ी अचानक भरभराकर गिर पड़ी थी जिसके मलबे से ठीक नीचे कलवट में एक दर्जन से अधिक पेयजल लाइनें दब कर टूट गईं हैं जिससे पेयजल किल्लत हो रही है।
स्थानीय निवासी शंकर दत्त जोशी, महेश चंद्र, प्रकाश चंद्र, संजय चौड़ाकोटी, कमल कुमार, महेश गड़कोटी, दीपक शर्मा, योगेश बिष्ट आदि का कहना है कि पांच दिन बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था की ओर से न तो पेयजल लाइन ठीक कराई गई है और न ही मलबे का ढेर हटाया है।
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मलबा, पत्थर, बोल्डर न हटने से वाहनों को खड़ा करना तो दूर पास लेना भी मुश्किल हो रहा है। इस कारण सूखीढांग में जाम लगना आम बात हो गई है। सड़क का मलबा और पानी लोगों के घरों में घुस रहा है।
उन्होंने जल्द मलबे को नहीं हटाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर कार्यदायी संस्था एनएचएआई के ईई एलडी मथेला के अनुसार बरसात रुकने के बाद मलबे को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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बीते रविवार को दुकानों के ठीक ऊपर पहाड़ी अचानक भरभराकर गिर पड़ी थी जिसके मलबे से ठीक नीचे कलवट में एक दर्जन से अधिक पेयजल लाइनें दब कर टूट गईं हैं जिससे पेयजल किल्लत हो रही है।
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स्थानीय निवासी शंकर दत्त जोशी, महेश चंद्र, प्रकाश चंद्र, संजय चौड़ाकोटी, कमल कुमार, महेश गड़कोटी, दीपक शर्मा, योगेश बिष्ट आदि का कहना है कि पांच दिन बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था की ओर से न तो पेयजल लाइन ठीक कराई गई है और न ही मलबे का ढेर हटाया है।
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मलबा, पत्थर, बोल्डर न हटने से वाहनों को खड़ा करना तो दूर पास लेना भी मुश्किल हो रहा है। इस कारण सूखीढांग में जाम लगना आम बात हो गई है। सड़क का मलबा और पानी लोगों के घरों में घुस रहा है।
उन्होंने जल्द मलबे को नहीं हटाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर कार्यदायी संस्था एनएचएआई के ईई एलडी मथेला के अनुसार बरसात रुकने के बाद मलबे को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।