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प्रशासन की टीम बिना अतिक्रमण हटाए बैरंग लौटी
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:56 PM IST
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अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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डिग्री कालेज मार्ग में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माणाधीन भवन परिसर की जमीन में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए आई पुलिस व प्रशासन की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान एसडीएम के आदेश पर अतिक्रमण को हटाने मौके पर पहुंचे अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और अतिक्रमणकारी के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण ध्वस्त करने के लिए बुलाई गई निजी जेसीबी के चालक को भी अतिक्रमणकारी ने धमकाकर भगा दिया। बाद में अतिक्रमणकारी के खिलाफ थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
डिग्री कालेज मार्ग में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन निर्माण हेतु प्रशासन द्वारा आयुर्वेदिक विभाग को 4 नाली 2 मुट्ठी जमीन आवंटित की थी। प्रशासन के अनुसार आवंटित जमीन में से सड़क से लगी चार मुट्ठी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। कुछ दिन पहले एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने प्रशासन को अस्पताल के भवन के लिए आवंटित जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के आदेश पर बुधवार को पुलिस, राजस्व विभाग, आयुर्वेदिक विभाग व कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम जेसीबी लेकर अस्पताल की भूमि में किए गए चार मुट्ठी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त करने गई।
लेकिन टीम को बिना अतिक्रमण को ध्वस्त किए ही बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर अतिक्रमणकारी की तहसीलदार, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ.सुरेश उप्रेती और पुलिस कर्मियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए एक निजी जेसीबी लाए हुए थे। जेसीबी चालक को अतिक्रमण ध्वस्त करने के लिखित आदेश दिए गए थे। लेकिन अतिक्रमणकारी ने जेसीबी चालक को धमकाकर वापस भेज दिया। मौके में खड़ी तहसीलदार और पुलिस के अधिकारी भी तमाशबीन बने रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी पहुुंचे हुए थे। प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन से अतिक्रमण कब हटाया जाएगा अभी इसकी तिथि घोषित नहीं की गई है। इस मामले में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी ने अतिक्रमण करने के आरोपी खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर आधार पर आरोपी नरेंद्र सिंह मेहता उर्फ नन्नू मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष मीनाक्षी नौटियाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186 व 506 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
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सरकारी जेसीबी से ढहाया जाएगा अतिक्रमण: तहसीलदार
तहसीलदार नीलू चावला का कहना है कि अतिक्रमणकारी द्वारा जेसीबी चालक को धमकाया गया है। इस मामले में आयुर्वेदिक विभाग जरूरी कार्रवाई करेगा। निजी जेसीबी का चालक धमकियों से डर गया। इसके चलते आयुर्वेदिक अधिकारी से अतिक्रमण हटाने को सरकारी विभाग की जेसीबी लाने को कहा गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन कराया जाएगा।
अतिक्रमण करने के आरोप गलत
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की भूमि में अतिक्रमण करने के आरोपी नरेंद्र सिंह मेहता उर्फ नन्नू मेहता का कहना है कि उन पर अतिक्रमण करने के आरोप गलत हैं। कहा कि संबंधित जमीन पर अस्पताल भवन के टेंडर होने से 14 माह पुराना कब्जा है। उनके द्वारा पूर्व में उक्त भूमि में टिन शेड का निर्माण कराया गया था। जिसे प्रशासन ने हटवा दिया था। उनका भवन सामग्री भी उक्त स्थल में पड़ी हुई है। आयुर्वेदिक विभाग को चार नाली दो मुट्ठी भूमि आवंटित की गई थी, जिसमें अस्पताल भवन निर्माण किया गया है।
पूर्व में भी ढहाई गई थी दीवार
लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की भूमि में हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने करीब एक वर्ष पूर्व ध्वस्त कराकर जमीन आयुर्वेदिक विभाग को सौंपी थी। इसके बाद विभाग ने सड़क की ओर से दीवार का निर्माण कराया। लेकिन अतिक्रमणकारी ने भीतर ही भीतर एक और दीवार का निर्माण कर दिया। आरोप है कि अतिक्रमणकारी ने 24 जून की रात को मीना बाजार जाने वाले मार्ग में बनी अस्पताल की सरकारी दीवार को जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया था। जिस पर भवन बना रहे ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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डिग्री कालेज मार्ग में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन निर्माण हेतु प्रशासन द्वारा आयुर्वेदिक विभाग को 4 नाली 2 मुट्ठी जमीन आवंटित की थी। प्रशासन के अनुसार आवंटित जमीन में से सड़क से लगी चार मुट्ठी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। कुछ दिन पहले एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने प्रशासन को अस्पताल के भवन के लिए आवंटित जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के आदेश पर बुधवार को पुलिस, राजस्व विभाग, आयुर्वेदिक विभाग व कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम जेसीबी लेकर अस्पताल की भूमि में किए गए चार मुट्ठी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त करने गई।
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लेकिन टीम को बिना अतिक्रमण को ध्वस्त किए ही बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर अतिक्रमणकारी की तहसीलदार, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ.सुरेश उप्रेती और पुलिस कर्मियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए एक निजी जेसीबी लाए हुए थे। जेसीबी चालक को अतिक्रमण ध्वस्त करने के लिखित आदेश दिए गए थे। लेकिन अतिक्रमणकारी ने जेसीबी चालक को धमकाकर वापस भेज दिया। मौके में खड़ी तहसीलदार और पुलिस के अधिकारी भी तमाशबीन बने रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी पहुुंचे हुए थे। प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन से अतिक्रमण कब हटाया जाएगा अभी इसकी तिथि घोषित नहीं की गई है। इस मामले में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुरेश जोशी ने अतिक्रमण करने के आरोपी खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर आधार पर आरोपी नरेंद्र सिंह मेहता उर्फ नन्नू मेहता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष मीनाक्षी नौटियाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186 व 506 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
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सरकारी जेसीबी से ढहाया जाएगा अतिक्रमण: तहसीलदार
तहसीलदार नीलू चावला का कहना है कि अतिक्रमणकारी द्वारा जेसीबी चालक को धमकाया गया है। इस मामले में आयुर्वेदिक विभाग जरूरी कार्रवाई करेगा। निजी जेसीबी का चालक धमकियों से डर गया। इसके चलते आयुर्वेदिक अधिकारी से अतिक्रमण हटाने को सरकारी विभाग की जेसीबी लाने को कहा गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन कराया जाएगा।
अतिक्रमण करने के आरोप गलत
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की भूमि में अतिक्रमण करने के आरोपी नरेंद्र सिंह मेहता उर्फ नन्नू मेहता का कहना है कि उन पर अतिक्रमण करने के आरोप गलत हैं। कहा कि संबंधित जमीन पर अस्पताल भवन के टेंडर होने से 14 माह पुराना कब्जा है। उनके द्वारा पूर्व में उक्त भूमि में टिन शेड का निर्माण कराया गया था। जिसे प्रशासन ने हटवा दिया था। उनका भवन सामग्री भी उक्त स्थल में पड़ी हुई है। आयुर्वेदिक विभाग को चार नाली दो मुट्ठी भूमि आवंटित की गई थी, जिसमें अस्पताल भवन निर्माण किया गया है।
पूर्व में भी ढहाई गई थी दीवार
लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की भूमि में हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने करीब एक वर्ष पूर्व ध्वस्त कराकर जमीन आयुर्वेदिक विभाग को सौंपी थी। इसके बाद विभाग ने सड़क की ओर से दीवार का निर्माण कराया। लेकिन अतिक्रमणकारी ने भीतर ही भीतर एक और दीवार का निर्माण कर दिया। आरोप है कि अतिक्रमणकारी ने 24 जून की रात को मीना बाजार जाने वाले मार्ग में बनी अस्पताल की सरकारी दीवार को जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया था। जिस पर भवन बना रहे ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।