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लॉकडाउन में फंसे यात्रियों के लिए प्रशासन ने लगाया लंगर
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चंपावत जीजीआईसी में फंसे यात्रियों के लिए भोजन तैयार करती शिक्षिकाएं और भोजन माताएं।
- फोटो : CHAMPAWAT
जिला मुख्यालय में कोरोना के कहर के चलते लागू लॉकडाउन में फंसे यात्रियों की भोजन व्यवस्था के लिए प्रशासन की ओर से लंगर लगाया गया है। दो दिन पूर्व पिथौरागढ़ आदि स्थानों से पैदल यात्रा कर चंपावत पहुंचे बहराइच, बहेड़ी, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी आदि स्थानों के 17 यात्रियों को पुलिस ने जिला मुख्यालय में ही रोक लिया। इन यात्रियों को नगरपालिका के रैन बसेरे में ठहराया गया है।
इन यात्रियों में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर हैं। परेशान और थके हारे यात्रियों के लिए प्रशासन भोजन की व्यवस्था कर रहा है। बीते छह दिनों में चंपावत में 500 से अधिक यात्रियों को भोजन कराया गया है।
चंपावत जीजीआईसी, जीआईसी टनकपुर और बनबसा के भजनपुर जीआईसी में भूखे यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की है। लंगर व्यवस्थापक बंशीधर थ्वाल ने बताया कि जीजीआईसी चंपावत में बीते 26 मार्च से भोजन व्यवस्था शुरू की गई है। व्यवस्थाओं को देख रहे शिक्षक डा.एमपी जोशी ने बताया कि इस बीच भोजन करने के लिए जीजीआईसी मैदान में पहुंचने वाले दिहाड़ी मजदूरों को सोशल और फिजिकल डिस्टेंश के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
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इन यात्रियों में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर हैं। परेशान और थके हारे यात्रियों के लिए प्रशासन भोजन की व्यवस्था कर रहा है। बीते छह दिनों में चंपावत में 500 से अधिक यात्रियों को भोजन कराया गया है।
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चंपावत जीजीआईसी, जीआईसी टनकपुर और बनबसा के भजनपुर जीआईसी में भूखे यात्रियों के लिए लंगर की व्यवस्था की है। लंगर व्यवस्थापक बंशीधर थ्वाल ने बताया कि जीजीआईसी चंपावत में बीते 26 मार्च से भोजन व्यवस्था शुरू की गई है। व्यवस्थाओं को देख रहे शिक्षक डा.एमपी जोशी ने बताया कि इस बीच भोजन करने के लिए जीजीआईसी मैदान में पहुंचने वाले दिहाड़ी मजदूरों को सोशल और फिजिकल डिस्टेंश के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
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