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पूर्णागिरि में बारिश से हुई क्षति का मुआवजा देने की मांग
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टनकपुर (चंपावत)। रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से छिन्न-भिन्न हुई मां पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाएं तीन दिन बाद भी नहीं सुधर सकीं हैं।
बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से मंगलवार को फिर से आठ घंटे मार्ग बाधित रहा। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट बना है। तीन दिन से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित है।
रविवार को करीब साढ़े सात घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने पूर्णागिरि धाम क्षेत्र की व्यवस्थाओं को बिगाड़ दिया है। सबसे ज्यादा मार पेयजल व्यवस्था पर पड़ी है।
बारिश के पानी से कई जगह लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इस कारण समूचे धाम क्षेत्र में पिछले तीन दिन से जलापूर्ति ठप है। दुकानदार और आसपास के ग्रामीण नालों का दूषित पानी ला रहे हैं। बिजली आपूर्ति के भी हाल बुरे हैं।
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मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय ने बताया कि आपदा के दिन से धाम के कई क्षेत्रों में बिजली गुल है तो कहीं लोवोल्टेज के कारण उपभोक्ता परेशान हैं।
वहीं जल संस्थान टनकपुर के एएई बीएस कुवार्बी ने बताया कि बारिश के कारण पहाड़ी के कई दुर्गम स्थानों पर पेयजल लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हुई हैं। फिटर समेत कर्मचारियों की टीम लाइन की मरम्मत के लिए भेजी गई है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
इधर मंगलवार सुबह बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग आठ घंटे बंद रहा। सुबह सात बजे से बंद मार्ग को लोनिवि की टीम दोपहर तीन बजे खोल सकी।
उधर हनुमान चट्टी के पास दरक रही पहाड़ी का मलबा कई बार गिरने से हादसे का खतरा बना हुआ है। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि जेसीबी मशीन से मलबा हटाकर मार्ग सुचारु कर दिया गया है।
पूर्णागिरि में हुई क्षति का मुआवजा मांगा
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों ने बारिश से क्षेत्र में हुई तबाही के प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाकर आपदा से सुरक्षा के उपाय की मांग की है।
मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के नेतृत्व में पुजारियों ने मंगलवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपा बताया कि 11 जुलाई को बारिश से धाम क्षेत्र में खासा नुकसान हुआ है।
बरसाती पानी से हुए कटाव से कई धर्मशालाओं में नुकसान हुआ है। भैरव मंदिर में राजू भट्ट की दुकान सामान समेत बह गई। कटौजिया में कृष्णानंद तिवारी, हरीश चंद्र पांडेय, नागा क्षेत्र में शंकर दत्त तिवारी, विनोद उप्रेती, टुन्यास में पूरन चंद्र पांडेय और महेश चंद्र तिवारी की धर्मशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
ज्ञापन में महेश चंद्र तिवारी, खिलानंद तिवारी, पीतांबर तिवारी, सुरेश तिवारी, कैलाश तिवारी, लालमणी पांडेय, सुभाष पांडेय आदि के हस्ताक्षर थे।
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बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से मंगलवार को फिर से आठ घंटे मार्ग बाधित रहा। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पानी का संकट बना है। तीन दिन से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित है।
रविवार को करीब साढ़े सात घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने पूर्णागिरि धाम क्षेत्र की व्यवस्थाओं को बिगाड़ दिया है। सबसे ज्यादा मार पेयजल व्यवस्था पर पड़ी है।
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बारिश के पानी से कई जगह लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इस कारण समूचे धाम क्षेत्र में पिछले तीन दिन से जलापूर्ति ठप है। दुकानदार और आसपास के ग्रामीण नालों का दूषित पानी ला रहे हैं। बिजली आपूर्ति के भी हाल बुरे हैं।
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मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय ने बताया कि आपदा के दिन से धाम के कई क्षेत्रों में बिजली गुल है तो कहीं लोवोल्टेज के कारण उपभोक्ता परेशान हैं।
वहीं जल संस्थान टनकपुर के एएई बीएस कुवार्बी ने बताया कि बारिश के कारण पहाड़ी के कई दुर्गम स्थानों पर पेयजल लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हुई हैं। फिटर समेत कर्मचारियों की टीम लाइन की मरम्मत के लिए भेजी गई है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
इधर मंगलवार सुबह बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग आठ घंटे बंद रहा। सुबह सात बजे से बंद मार्ग को लोनिवि की टीम दोपहर तीन बजे खोल सकी।
उधर हनुमान चट्टी के पास दरक रही पहाड़ी का मलबा कई बार गिरने से हादसे का खतरा बना हुआ है। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि जेसीबी मशीन से मलबा हटाकर मार्ग सुचारु कर दिया गया है।
पूर्णागिरि में हुई क्षति का मुआवजा मांगा
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों ने बारिश से क्षेत्र में हुई तबाही के प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाकर आपदा से सुरक्षा के उपाय की मांग की है।
मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी के नेतृत्व में पुजारियों ने मंगलवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया को ज्ञापन सौंपा बताया कि 11 जुलाई को बारिश से धाम क्षेत्र में खासा नुकसान हुआ है।
बरसाती पानी से हुए कटाव से कई धर्मशालाओं में नुकसान हुआ है। भैरव मंदिर में राजू भट्ट की दुकान सामान समेत बह गई। कटौजिया में कृष्णानंद तिवारी, हरीश चंद्र पांडेय, नागा क्षेत्र में शंकर दत्त तिवारी, विनोद उप्रेती, टुन्यास में पूरन चंद्र पांडेय और महेश चंद्र तिवारी की धर्मशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
ज्ञापन में महेश चंद्र तिवारी, खिलानंद तिवारी, पीतांबर तिवारी, सुरेश तिवारी, कैलाश तिवारी, लालमणी पांडेय, सुभाष पांडेय आदि के हस्ताक्षर थे।