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कई सालों बाद नजर आया गिद्धों का झुंड
अमर उजाला ब्यूूूूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:55 PM IST
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खेतीखान के गोशनी गांव में उतरा गिद्घों का झुंड।
- फोटो : अमर उजाला
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खेतीखान क्षेत्र में वर्षो बाद एक साथ गिद्धों का झुंड नजर आया। गिद्धों को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। बड़े-बड़े गिद्धों को देखने के लिए छोटे-छोटे बच्चे काफी उत्सुक दिखे। बुजुर्ग शिक्षाविद चिरंजीलाल वर्मा, जगदीश भट्ट आदि का कहना है कई सालों बाद गिद्धों का एक झुंड गोशनी गांव के खेतों में नजर आया।
क्षेत्र के युवा सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कलखुड़िया ने बताया कि क्षेत्र में लोगों द्वारा छोड़ी गई आठ गायों को चार दिन के भीतर तेंदुए ने मार दिया था, जिनके शव कुछ कई दिनों तक गोशनी गांव के खेतों में पड़े हुए थे। मृत गायों का मांस खाने के लिए शनिवार को गिद्धों का झुंड अचानक खेतों में आ गया।
झुंड में करीब 80 गिद्ध थे। दो घंटे तक ये आसपास मंडराते रहे। लोहाघाट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.डीके चंद ने बताया कि गिद्धों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। इस कारण ये अब नजर नहीं आते। चमदेवल क्षेत्र में यदाकदा गिद्ध दिखाई देते हैं।
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क्षेत्र के युवा सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कलखुड़िया ने बताया कि क्षेत्र में लोगों द्वारा छोड़ी गई आठ गायों को चार दिन के भीतर तेंदुए ने मार दिया था, जिनके शव कुछ कई दिनों तक गोशनी गांव के खेतों में पड़े हुए थे। मृत गायों का मांस खाने के लिए शनिवार को गिद्धों का झुंड अचानक खेतों में आ गया।
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झुंड में करीब 80 गिद्ध थे। दो घंटे तक ये आसपास मंडराते रहे। लोहाघाट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.डीके चंद ने बताया कि गिद्धों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है। इस कारण ये अब नजर नहीं आते। चमदेवल क्षेत्र में यदाकदा गिद्ध दिखाई देते हैं।
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