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सीबीआई जांच को कोर्ट जाएंगे : भगवान
Champawat
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:34 AM IST
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चंपावत। पिथौरागढ़ के जन मोर्चा के संयोजक भगवान सिंह रावत ने रोड की बदतर हालत के लिए जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं करने पर नाराजगी जताई है। यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि टनकपुर से पिथौरागढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के दो दशक के कार्यों की जांच के अभी तक आदेश तक नहीं दिए गए हैं। ये क्षेत्र के लोगों के साथ सरासर धोखा है। 31 अक्तूबर तक सीबीआई की जांच के आदेश नहीं कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। साथ ही जांच की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाने की बात कही।
रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर दो अगस्त के सफल महाबंद हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक सड़क की दशा में रत्तीभर भी सुधार नहीं हुआ है। वार्ता में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता तारा चंद और जगत मर्तोलिया ने कहा कि यह रोड सामरिक लिहाज से तो संवेदनशील है ही, साथ ही कारोबार और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसकी अनदेखी पूरे इलाके के बुनियादी ढांचे पर असर डालती है। 150 किमी सड़क की हालत ठीक नहीं होने से आवाजाही में न केवल झटके झेलने पड़ रहे हैं बल्कि अधिक समय और धन भी ज्यादा खर्च हो रहा है। मोर्चा का कहना है कि जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है।
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रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर दो अगस्त के सफल महाबंद हुए दो माह से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक सड़क की दशा में रत्तीभर भी सुधार नहीं हुआ है। वार्ता में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता तारा चंद और जगत मर्तोलिया ने कहा कि यह रोड सामरिक लिहाज से तो संवेदनशील है ही, साथ ही कारोबार और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसकी अनदेखी पूरे इलाके के बुनियादी ढांचे पर असर डालती है। 150 किमी सड़क की हालत ठीक नहीं होने से आवाजाही में न केवल झटके झेलने पड़ रहे हैं बल्कि अधिक समय और धन भी ज्यादा खर्च हो रहा है। मोर्चा का कहना है कि जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा रहा है।
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