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नीलामी से होगा सरकारी खजाना में इजाफा: हेमेश
Champawat
Updated Wed, 15 Jan 2014 05:51 AM IST
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चंपावत। शारदा को खनन के लिए ठेके पर देने को वन एवं पर्यावरण संसदीय सचिव और विधायक हेमेश खर्कवाल ने सही करार दिया। उन्होंने कहा कि खनन के निजीकरण से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जिससे सरकार के राजस्व में इजाफा होगा।
वन एवं पर्यावरण संसदीय सचिव का कहना है कि शारदा की मौजूदा 11 लाख घन मीटर वार्षिक क्षमता के सापेक्ष फिलहाल तीन लाख घन मीटर से भी कम खनन की निकासी हो रही है। इससे सरकारी कोष को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई नीति से न तो पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव नहीं पडे़गा और न स्थानीय कारोबारियों को नुकसान होगा। बल्कि अधिक निकासी से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस समय शारदा से खनन का काम वन विकास निगम के जिम्मे है। निगम बैरियर लगाकर हर ट्रक से खनन सामग्री के ऐवज में रॉयल्टी और अन्य कर वसूलता है। पर अब शासन ने खनन के काम को प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय लिया है। नई नीति फरवरी से लागू की जाएगी। 234 हेक्टेयर शारदा को 50-50 हेक्टेयर के लॉट बनाकर नीलाम किया जाएगा। प्रशासन खुली निलामी की प्रक्रिया करा रहा है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है।
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वन एवं पर्यावरण संसदीय सचिव का कहना है कि शारदा की मौजूदा 11 लाख घन मीटर वार्षिक क्षमता के सापेक्ष फिलहाल तीन लाख घन मीटर से भी कम खनन की निकासी हो रही है। इससे सरकारी कोष को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई नीति से न तो पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव नहीं पडे़गा और न स्थानीय कारोबारियों को नुकसान होगा। बल्कि अधिक निकासी से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस समय शारदा से खनन का काम वन विकास निगम के जिम्मे है। निगम बैरियर लगाकर हर ट्रक से खनन सामग्री के ऐवज में रॉयल्टी और अन्य कर वसूलता है। पर अब शासन ने खनन के काम को प्राइवेट हाथों में देने का निर्णय लिया है। नई नीति फरवरी से लागू की जाएगी। 234 हेक्टेयर शारदा को 50-50 हेक्टेयर के लॉट बनाकर नीलाम किया जाएगा। प्रशासन खुली निलामी की प्रक्रिया करा रहा है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है।
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