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लोनिवि बाबूओं ने तरेरी आंखे, किया कार्यबहिष्कार
Champawat
Updated Sat, 11 Jan 2014 05:53 AM IST
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चंपावत। लोक निर्माण विभाग के बाबूओं ने आंखे तरेर ली हैं। शुक्रवार को मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने कामबंद हड़ताल की। विभाग के नए कार्यालयों के खुलने के बावजूद मिनिस्ट्रीयल के पदों का सृजन नहीं किए जाने से लिपिकीय वर्ग नाराज है। उन्होंने कहा कि अब 27 जनवरी से दूसरे चरण का आंदोलन किया जाएगा। कर्मियों ने इस संबंध में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
उत्तराखंड लोनिवि मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक दिनी कार्य बहिष्कार किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र जोशी का कहना है कि शासन ने प्रदेश में 41 नए डिवीजन तो खोले, लेकिन इनमें कार्य करने के लिए लिपिकों की व्यवस्था नहीं की। आवश्यकता के मुताबिक पद नहीं होने से लिपिकों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कर्मियों ने 25 जनवरी तक मानकों के अनुरूप पदों की तैनाती नहीं किए जाने पर 27 जनवरी से बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर महामंत्री सुरेंद्र सामंत, हीरा बल्लभ उप्रेती, नवीन लाल वर्मा, पूरन पंत, मोहन सिंह, गिरीश जोशी, हरिराज बोहरा, किशोर चंद्र, अनिल कुमार, निर्मल पुनेठा, अर्जुन चंद, दत्तराम, सुनील वर्मा, रमेश पंत, आनंद पुजारी, निर्मल मेहता आदि थे।
दो डिवीजन खुले पर नहीं मिले बाबूजी
चंपावत। चंपावत में इसी साल जनवरी में दो नए कार्यालय खोले गए, लेकिन इनमें एक भी लिपिकीय पद स्वीकृत नहीं है। चंपावत में लोनिवि का सर्किल कार्यालय खुल गया। जिसमें अधीक्षण अभियंता की तैनाती तो हो गई, लेकिन अन्य पदों का कोई पता नहीं है। इस सर्किल के तहत चंपावत और लोहाघाट डिवीजन आएंगे। इसी तरह विश्व बैंक का डिवीजन भी अस्तित्व में आ गया है। इसमें भी कोई लिपिकीय पद अभी नहीं भरा गया है। अधिशासी अभियंता चंचल सिंह का कहना है कि फिलहाल लिपिक की नियुक्ति नहीं की गई है। विश्व बैंक डिवीजन का काम आपदा के चलते ध्वस्त हुए निर्माण कार्यो के आगणन बनाने से लेकर निर्माण करना है।
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लोनिवि कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
पिथौरागढ़/डीडीहाट। लोनिवि के संरचनात्मक ढंाचे का पुनर्गठन, नए खंडों का सृजन सहित तमाम मुद्दों को लेकर लोनिवि के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी एक दिन के कार्य बहिष्कार पर रहे। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन मेें नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
पिथौरागढ़ में कर्मचारी महासंघ के मुख्य संयोजक यूडी देवलाल, संयोजक सचिव एसएस अधिकारी के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने शासनादेश जारी कर लोनिवि के संरचनात्मक ढंाचे में बदलाव किया है। जिसके तहत दो जोनल कार्यालय, तीन वृत्तीय और दो खंड कार्यालय खोले गए हैं। एशियन डेवलेपमेंट के ढांचे में भी बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्यरत कार्यालयों में मिनिस्ट्रीयल कर्मियों के 12 पद स्वीकृत हैं। नए सृजित कार्यालयों में 492 पदों के सापेक्ष 70 पद ही स्वीेकृत करके मिनिस्ट्रिीयल संवर्ग को खत्म करने की साजिश रजी जा रही है। उन्होंने मांगें न मानी जाने पर 27 जनवरी से अनिश्चिकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं, डीडीहाट में लोनिवि कार्यालय में एकत्रकर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में तहसील संरक्षक नवीन जोशी, रमेश पुनेठा, वीरेंद्र दिगारी, मोहन जड़ौत, देवेंद्र पंचपाल थे।
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उत्तराखंड लोनिवि मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक दिनी कार्य बहिष्कार किया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र जोशी का कहना है कि शासन ने प्रदेश में 41 नए डिवीजन तो खोले, लेकिन इनमें कार्य करने के लिए लिपिकों की व्यवस्था नहीं की। आवश्यकता के मुताबिक पद नहीं होने से लिपिकों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कर्मियों ने 25 जनवरी तक मानकों के अनुरूप पदों की तैनाती नहीं किए जाने पर 27 जनवरी से बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर महामंत्री सुरेंद्र सामंत, हीरा बल्लभ उप्रेती, नवीन लाल वर्मा, पूरन पंत, मोहन सिंह, गिरीश जोशी, हरिराज बोहरा, किशोर चंद्र, अनिल कुमार, निर्मल पुनेठा, अर्जुन चंद, दत्तराम, सुनील वर्मा, रमेश पंत, आनंद पुजारी, निर्मल मेहता आदि थे।
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दो डिवीजन खुले पर नहीं मिले बाबूजी
चंपावत। चंपावत में इसी साल जनवरी में दो नए कार्यालय खोले गए, लेकिन इनमें एक भी लिपिकीय पद स्वीकृत नहीं है। चंपावत में लोनिवि का सर्किल कार्यालय खुल गया। जिसमें अधीक्षण अभियंता की तैनाती तो हो गई, लेकिन अन्य पदों का कोई पता नहीं है। इस सर्किल के तहत चंपावत और लोहाघाट डिवीजन आएंगे। इसी तरह विश्व बैंक का डिवीजन भी अस्तित्व में आ गया है। इसमें भी कोई लिपिकीय पद अभी नहीं भरा गया है। अधिशासी अभियंता चंचल सिंह का कहना है कि फिलहाल लिपिक की नियुक्ति नहीं की गई है। विश्व बैंक डिवीजन का काम आपदा के चलते ध्वस्त हुए निर्माण कार्यो के आगणन बनाने से लेकर निर्माण करना है।
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लोनिवि कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
पिथौरागढ़/डीडीहाट। लोनिवि के संरचनात्मक ढंाचे का पुनर्गठन, नए खंडों का सृजन सहित तमाम मुद्दों को लेकर लोनिवि के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी एक दिन के कार्य बहिष्कार पर रहे। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन मेें नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
पिथौरागढ़ में कर्मचारी महासंघ के मुख्य संयोजक यूडी देवलाल, संयोजक सचिव एसएस अधिकारी के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने शासनादेश जारी कर लोनिवि के संरचनात्मक ढंाचे में बदलाव किया है। जिसके तहत दो जोनल कार्यालय, तीन वृत्तीय और दो खंड कार्यालय खोले गए हैं। एशियन डेवलेपमेंट के ढांचे में भी बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्यरत कार्यालयों में मिनिस्ट्रीयल कर्मियों के 12 पद स्वीकृत हैं। नए सृजित कार्यालयों में 492 पदों के सापेक्ष 70 पद ही स्वीेकृत करके मिनिस्ट्रिीयल संवर्ग को खत्म करने की साजिश रजी जा रही है। उन्होंने मांगें न मानी जाने पर 27 जनवरी से अनिश्चिकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं, डीडीहाट में लोनिवि कार्यालय में एकत्रकर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में तहसील संरक्षक नवीन जोशी, रमेश पुनेठा, वीरेंद्र दिगारी, मोहन जड़ौत, देवेंद्र पंचपाल थे।