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मिस बटन ने रखी थी फुलगढ़ी के चर्च की नींव
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:29 PM IST
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चंपावत। चंपावत में ईसाई समाज की मुट्ठीभर आबादी होने के बावजूद क्रिसमस डे का पर्व भरपूर उल्लास से मनाया जाता है। आठ दशक पूर्व बना यहां गिरजाघर खूबसूरती की मिसाल है। यहां से करीब 9 किलोमीटर दूर छीड़ापानी गांव में स्थित फुलगढ़ी के मेथोडिस्ट चर्च की नींव 1931 में अंग्रेज महिला मिस एनी न्यूटन बटन ने रखी। लकड़ी से बने इस चर्च की शानदार नक्काशी बेहतरीन वास्तुकला का नमूना है।
चर्च के पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि मेथोडिस्ट ईसाई टीचिंग, हीलिंग और प्रीचिंग (शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रार्थना) को विशेष तवज्जो देते हैं। चंपावत की यह इकलौता चर्च ईसाईयों की आस्था का केंद्र बना है। मिस बटन की सेवा से प्रेरित होकर उस वक्त बड़ी संख्या में लोगों ने इसाई धर्म अपनाया था। बताते हैं कि चर्च की नींव रखने से पूर्व 1880 में मिस बटन ने कई परिवारों को ईसाई बनने की प्रेरणा दी।
जिले में महज 336 ईसाई हैं। इनमें से करीब 151 की आबादी पहाड़ी क्षेत्र में हैं। छीड़ापानी, फुलगढ़ी और लोहाघाट के ईसाईयों के कुल मिलाकर 23 परिवार हैं। पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि उनकी चार पीढ़ियां ईसाई धर्म को मानती रही हैं। परदादा हर सिंह और दादा जीत सिंह ने जीवन भर ईसाई धर्म का ही पालन किया।
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क्रिसमस की पूर्व संध्या से जगमगाएगा चर्च
क्रिसमस डे में बस तीन दिन बाकी है। इसके लिए ईसाईयों के आस्था के इस केंद्र में तैयारियां शुरू कर दी गई है। पास्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि 24 दिसंबर को क्रिसमस इवनिंग पर ईसा मसीह के जन्म पर रात 11 बजे से 1.30 बजे तक जश्न होगा। 25 दिसंबर की सुबह 5 बजे से 6 बजे प्रार्थना के जरिये ईसा मसीह के त्याग व मानवता के कल्याण के संदेश को सुनाया जाएगा। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम 5 बजे से शांति, सुख व कल्याण के लिए प्रार्थना होगी। चर्च के अलावा इस समाज के लोग अपने घरों को भी बिजली की मालाओं से सजाएंगे।
चर्च के पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि मेथोडिस्ट ईसाई टीचिंग, हीलिंग और प्रीचिंग (शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रार्थना) को विशेष तवज्जो देते हैं। चंपावत की यह इकलौता चर्च ईसाईयों की आस्था का केंद्र बना है। मिस बटन की सेवा से प्रेरित होकर उस वक्त बड़ी संख्या में लोगों ने इसाई धर्म अपनाया था। बताते हैं कि चर्च की नींव रखने से पूर्व 1880 में मिस बटन ने कई परिवारों को ईसाई बनने की प्रेरणा दी।
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जिले में महज 336 ईसाई हैं। इनमें से करीब 151 की आबादी पहाड़ी क्षेत्र में हैं। छीड़ापानी, फुलगढ़ी और लोहाघाट के ईसाईयों के कुल मिलाकर 23 परिवार हैं। पास्टर सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि उनकी चार पीढ़ियां ईसाई धर्म को मानती रही हैं। परदादा हर सिंह और दादा जीत सिंह ने जीवन भर ईसाई धर्म का ही पालन किया।
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क्रिसमस की पूर्व संध्या से जगमगाएगा चर्च
क्रिसमस डे में बस तीन दिन बाकी है। इसके लिए ईसाईयों के आस्था के इस केंद्र में तैयारियां शुरू कर दी गई है। पास्टर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि 24 दिसंबर को क्रिसमस इवनिंग पर ईसा मसीह के जन्म पर रात 11 बजे से 1.30 बजे तक जश्न होगा। 25 दिसंबर की सुबह 5 बजे से 6 बजे प्रार्थना के जरिये ईसा मसीह के त्याग व मानवता के कल्याण के संदेश को सुनाया जाएगा। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शाम 5 बजे से शांति, सुख व कल्याण के लिए प्रार्थना होगी। चर्च के अलावा इस समाज के लोग अपने घरों को भी बिजली की मालाओं से सजाएंगे।