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अतिक्रमण हटाने को रेलवे ने थमाए नोटिस
Updated Thu, 04 Oct 2018 11:36 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। रेलवे प्रशासन ने रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण कर बसे परिवारों को एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने रेलवे स्टेशन मार्ग के किनारे काबिज अतिक्रमणकारियों के झालों पर नोटिस चस्पा कर आगाह किया है कि खुद अतिक्रमण न हटाने पर रेलवे द्वारा न सिर्फ अतिक्रमण हटाया जाएगा, बल्कि अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकारी से ही वसूला जाएगा।
सीमांत के अंतिम रेल हेड स्टेशन टनकपुर के बड़ी रेल लाइन सेवा से जुड़ने के बाद यहां रेलवेे स्टेशन के विस्तार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। स्टेशन के विस्तार की मार वर्षों से रेलवे की भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों पर पड़ने का कयास पहले से लगाया जा रहा था, लेकिन बड़ी लाइन सेवा से जोड़ने की प्राथमिकता के चलते रेेलवेे ने अब तक बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की है।
हालांकि, स्टेशन के पश्चिमी छोर पर तो रेलवेे ने अपनी भूमि को सीमांकित कर रैलिंग लगाकर हदबंदी कर ली है, लेकिन अब रेलवे जल्द ही स्टेशन मार्ग पर सड़क किनारे अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने जा रहा है। रेलवे प्रशासन पीलीभीत ने स्टेशन मार्ग पर करीब सौ से अधिक झालों पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह में रेलवे की भूमि खाली करने को कहा है।
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एसडीएम से मिले अतिक्रमणकारी एवं भाजपाई, ज्ञापन सौंपा
टनकपुर। रेलवे के अतिक्रमण हटाने के नोटिस से चिंतित रेलवे की भूमि पर काबिज लोग बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तहसील पहुंचे और एसडीएम अनिल गर्ब्याल को ज्ञापन सौंपा।
कहा कि रेलवे की भूमि पर सिर्फ झुग्गी झोपड़ी में रह रहे लोगों को ही उजाड़ा जा रहा है, जबकि अतिक्रमण के दायरे में आ रहे पक्के भवनों पर नोटिस चस्पा नहीं किए गए हैं। अतिक्रमणकारियों के समर्थन में आए भाजपाइयों ने भी रेलवे की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। ज्ञापन देने वालों में जयपाल सिंह, देवसरन, छोटे लाल, नरेश, सीता, निशा, कपिल समेत भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश भट्ट, महामंत्री निगम गुप्ता, आनंद मौर्या आदि थे।
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सीमांत के अंतिम रेल हेड स्टेशन टनकपुर के बड़ी रेल लाइन सेवा से जुड़ने के बाद यहां रेलवेे स्टेशन के विस्तार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। स्टेशन के विस्तार की मार वर्षों से रेलवे की भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों पर पड़ने का कयास पहले से लगाया जा रहा था, लेकिन बड़ी लाइन सेवा से जोड़ने की प्राथमिकता के चलते रेेलवेे ने अब तक बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की है।
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हालांकि, स्टेशन के पश्चिमी छोर पर तो रेलवेे ने अपनी भूमि को सीमांकित कर रैलिंग लगाकर हदबंदी कर ली है, लेकिन अब रेलवे जल्द ही स्टेशन मार्ग पर सड़क किनारे अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने जा रहा है। रेलवे प्रशासन पीलीभीत ने स्टेशन मार्ग पर करीब सौ से अधिक झालों पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह में रेलवे की भूमि खाली करने को कहा है।
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एसडीएम से मिले अतिक्रमणकारी एवं भाजपाई, ज्ञापन सौंपा
टनकपुर। रेलवे के अतिक्रमण हटाने के नोटिस से चिंतित रेलवे की भूमि पर काबिज लोग बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तहसील पहुंचे और एसडीएम अनिल गर्ब्याल को ज्ञापन सौंपा।
कहा कि रेलवे की भूमि पर सिर्फ झुग्गी झोपड़ी में रह रहे लोगों को ही उजाड़ा जा रहा है, जबकि अतिक्रमण के दायरे में आ रहे पक्के भवनों पर नोटिस चस्पा नहीं किए गए हैं। अतिक्रमणकारियों के समर्थन में आए भाजपाइयों ने भी रेलवे की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। ज्ञापन देने वालों में जयपाल सिंह, देवसरन, छोटे लाल, नरेश, सीता, निशा, कपिल समेत भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश भट्ट, महामंत्री निगम गुप्ता, आनंद मौर्या आदि थे।