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भिंगराड़ा के अलग विकासखंड बनने की संभावना तेज
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:56 PM IST
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चंपावत। जिले में भिंगराड़ा विकासखंड के गठन को लेकर एक बार फिर से सुगबुगाहट तेज हो गई है। शासन प्रशासन को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप पाटी विकासखंड के 22 गांवों को मिलाकर भिंगराड़ा में नया विकासखंड के अस्तित्व में आने की उम्मीद से क्षेत्र के निवासियों में खुशी की लहर है।
भिंगराड़ा को विकासखंड बनाने की मांग 30 साल पुरानी है। वर्ष1987 से ग्राम पंचायत खरही के सामाजिक कार्यकर्ता टीकाराम शर्मा भिंगराड़ा को अलग विकासखंड बनाने की मांग करते आ रहे हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लंबे समय से अलग से विकासखंड बनाने को लेकर मोर्चा खोला हुआ है। वह समय-समय पर जिला प्रशासन से शासन को पत्र भेजकर अलग से ब्लाक बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
टीकाराम शर्मा ने कहा कि वह जिला और राज्य बनने से पूर्व से भिंगराड़ा को अलग से ब्लाक बनाने को लेकर आंदोलन में जुटे हैं।
उनका कहना था कि ग्रामीणों के आंदोलन और वर्षों पुरानी मांग के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की सहमति के बाद शासन को भिंगराड़ा ब्लाक के गठन का प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर शासन स्तर से प्रतिउत्तर उन्हें मिला है। जिसमें पाटी विकासखंड की 22 ग्राम पंचायतों को मिलाकर भिंगराड़ा ब्लाक बनाने की प्रक्रिया गतिमान होने की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में भेजे गए 22 ग्राम पंचायतों की आबादी 12904 है।
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22 गांवों को भिंगराड़ा ब्लाक में शामिल करने का प्रस्ताव
चंपावत। प्रस्तावित भिंगराड़ा विकासखंड में 22 गांवों को शामिल किया गया है। जिनमें वारसी, भिंगराड़ा, बिनवालगांव, चल्थिया, चौड़ामेहता, चौड़ापित्ता, धरसौं, गड्यूड़ा, गोलडांडा, खरही, करौली, कुल्यालगांव, मछियाड़, मंगललेख, परेवा, रमक, साल, सकदेना, टांण मल्ला, टाक बलवाड़ी, निलौटी, बालातड़ी ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
भिंगराड़ा को विकासखंड बनाने की मांग 30 साल पुरानी है। वर्ष1987 से ग्राम पंचायत खरही के सामाजिक कार्यकर्ता टीकाराम शर्मा भिंगराड़ा को अलग विकासखंड बनाने की मांग करते आ रहे हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लंबे समय से अलग से विकासखंड बनाने को लेकर मोर्चा खोला हुआ है। वह समय-समय पर जिला प्रशासन से शासन को पत्र भेजकर अलग से ब्लाक बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
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टीकाराम शर्मा ने कहा कि वह जिला और राज्य बनने से पूर्व से भिंगराड़ा को अलग से ब्लाक बनाने को लेकर आंदोलन में जुटे हैं।
उनका कहना था कि ग्रामीणों के आंदोलन और वर्षों पुरानी मांग के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की सहमति के बाद शासन को भिंगराड़ा ब्लाक के गठन का प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर शासन स्तर से प्रतिउत्तर उन्हें मिला है। जिसमें पाटी विकासखंड की 22 ग्राम पंचायतों को मिलाकर भिंगराड़ा ब्लाक बनाने की प्रक्रिया गतिमान होने की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में भेजे गए 22 ग्राम पंचायतों की आबादी 12904 है।
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22 गांवों को भिंगराड़ा ब्लाक में शामिल करने का प्रस्ताव
चंपावत। प्रस्तावित भिंगराड़ा विकासखंड में 22 गांवों को शामिल किया गया है। जिनमें वारसी, भिंगराड़ा, बिनवालगांव, चल्थिया, चौड़ामेहता, चौड़ापित्ता, धरसौं, गड्यूड़ा, गोलडांडा, खरही, करौली, कुल्यालगांव, मछियाड़, मंगललेख, परेवा, रमक, साल, सकदेना, टांण मल्ला, टाक बलवाड़ी, निलौटी, बालातड़ी ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।