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16 माह बाद भी मृतक के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:36 PM IST
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चंपावत। रोड चौड़ीकरण के दौरान करीब 16 महीने पूर्व मलबे की चपेट में आने से जान गंवा चुके पोकलैंड मशीन के हेल्पर के परिजन मुआवजे के लिए तरस गए हैं। प्रशासनिक अफसरों से कई बार मांग करने के बावजूद भी मृतक के परिजन को मुआवजा नहीं मिल पाया है। थकहार कर मृतक के परिजनों ने अब मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
तवाघाट से नारायण आश्रम मोटर मार्ग सुधारी करण के दौरान 13 अप्रैल 2016 रोड किनारे पोकलैंड मशीन में गिरे मलबे से चंपावत जिले के लड़ाबोरा गांव के खीम सिंह की मौत हो गई थी। मृतक के चाचा अर्जुन सिंह बोहरा का कहना है कि तब काम करा रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि पुष्कर सिंह बोहरा ने परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में न तो ठेकेदार मुआवजा दिया और न ही कंपनी के प्रतिनिधि ने कोई मुआवजा दिया। परिजनों का कहना है कि उनकी माली हालत खासी कमजोर है। चंपावत के जिलाधिकारी ने पिछले साल पिथौरागढ़ के डीएम को पत्र भेजकर प्राकृतिक आपदा मद से आर्थिक सहायता दिलाने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद भी मुआवजा नहीं मिल सका। परिजनों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और विधायक को ज्ञापन भेज मुआवजा दिलाने की मांग की है।
तवाघाट से नारायण आश्रम मोटर मार्ग सुधारी करण के दौरान 13 अप्रैल 2016 रोड किनारे पोकलैंड मशीन में गिरे मलबे से चंपावत जिले के लड़ाबोरा गांव के खीम सिंह की मौत हो गई थी। मृतक के चाचा अर्जुन सिंह बोहरा का कहना है कि तब काम करा रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि पुष्कर सिंह बोहरा ने परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने का आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में न तो ठेकेदार मुआवजा दिया और न ही कंपनी के प्रतिनिधि ने कोई मुआवजा दिया। परिजनों का कहना है कि उनकी माली हालत खासी कमजोर है। चंपावत के जिलाधिकारी ने पिछले साल पिथौरागढ़ के डीएम को पत्र भेजकर प्राकृतिक आपदा मद से आर्थिक सहायता दिलाने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद भी मुआवजा नहीं मिल सका। परिजनों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और विधायक को ज्ञापन भेज मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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