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आठ किमी की सड़क बने तो कम हो 45 किमी की दूरी
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:56 PM IST
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चंपावत। जिले में वर्ष 2015 में स्वीकृत हुए आठ किमी लंबे दियूरी-चल्थी मोटर मार्ग का निर्माण शुरू नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। आठ किमी सड़क नहीं बनने सेे ग्रामीणों को टनकपुर और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 45 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंप कर पूर्व स्वीकृत मोटर मार्ग के जल्द निर्माण की मांग उठाई है।
बजौन, बगेड़ी और दियूरी के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण घरेलू सामान लाने तथा क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री करने के अलावा बीमार व्यक्तियों को टनकपुर अथवा खटीमा तक ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से दियूरी-चल्थी सड़क के लिए कई बार सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में मायूसी है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित मोटर मार्ग के बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां यातायात का दबाव कम होगा वहीं बरसात के मौसम में जब राजमार्ग बाधित रहता है उस समय यह मार्ग बेहतर वैकल्पिक मार्ग बन सकता है। डीएम को ज्ञापन देने वालों में गोपाल दत्त, नाथ सिंह, पुष्पा देवी, जानकी देवी, बची राम, दीवान सिंह, हीरा बल्लभ, जगदीश चंद्र, जोगा सिंह, विक्रम सिंह, ध्यान सिंह, श्याम राम, दीपक सिंह, जगत सिंह, उमेदी देवी आदि ग्रामीण शामिल हैं।
बजौन, बगेड़ी और दियूरी के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण घरेलू सामान लाने तथा क्षेत्रीय उत्पादों की बिक्री करने के अलावा बीमार व्यक्तियों को टनकपुर अथवा खटीमा तक ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से दियूरी-चल्थी सड़क के लिए कई बार सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में मायूसी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित मोटर मार्ग के बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां यातायात का दबाव कम होगा वहीं बरसात के मौसम में जब राजमार्ग बाधित रहता है उस समय यह मार्ग बेहतर वैकल्पिक मार्ग बन सकता है। डीएम को ज्ञापन देने वालों में गोपाल दत्त, नाथ सिंह, पुष्पा देवी, जानकी देवी, बची राम, दीवान सिंह, हीरा बल्लभ, जगदीश चंद्र, जोगा सिंह, विक्रम सिंह, ध्यान सिंह, श्याम राम, दीपक सिंह, जगत सिंह, उमेदी देवी आदि ग्रामीण शामिल हैं।
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