{"_id":"5a0f27a44f1c1b6d548bdacb","slug":"61510942628-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्थिक रूप से कमजोर को दी जाती है मुफ्त कानूनी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्थिक रूप से कमजोर को दी जाती है मुफ्त कानूनी सहायता
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्रदान की जाती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धमेंद्र कुमार के अनुसार किसी भी ऐसे व्यक्ति को जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का नागरिक हो, किसी दुर्व्यवहार का शिकार व्यक्ति, सभी महिलाएं और बच्चे, सभी दिव्यांग एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, जातीय हिंसा, अत्याचार, बाढ़ एवं भूकंप, औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी मजदूर, जेल, कारागार, संरक्षण गृह, किशोर गृह, पूर्व सैनिक, वरिष्ठ नागरिक सहित ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो को निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। यही नहीं एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धमेंद्र कुमार के अनुसार किसी भी ऐसे व्यक्ति को जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का नागरिक हो, किसी दुर्व्यवहार का शिकार व्यक्ति, सभी महिलाएं और बच्चे, सभी दिव्यांग एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, जातीय हिंसा, अत्याचार, बाढ़ एवं भूकंप, औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी मजदूर, जेल, कारागार, संरक्षण गृह, किशोर गृह, पूर्व सैनिक, वरिष्ठ नागरिक सहित ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो को निशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। यही नहीं एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को भी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।