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पानी के साथ निकला कीड़ा, दहशत
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:29 PM IST
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चंपावत। चंपावत पर्यटक आवास गृह के पास रहने वाले बसंत सिंह तड़ागी और कैलाश चंद्र जोशी के नलों की टोटी से पानी के साथ छह इंच लंबाई का एक कीड़ा निकला। बेहद महीने कीड़े के निकलने से इलाके के लोग सकते में आ गए। नागरिकों ने जल संस्थान के अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने साफ पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत ने कहा कि ललुवापानी स्रोत से होने वाली पेयजल आपूर्ति की फिल्टरेशन की व्यवस्था बेहद पुरानी है। अलबत्ता टैंक में क्लोरीनेशन की पुख्ता व्यवस्था है। पानी के साथ निकला कीड़ा बेहद महीन है। आगे से ऐसा न हो, इसके लिए विभागीय कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गंदे पानी या पेयजल लाइन में कीड़े निकलने से हैजा, पीलिया का खतरा बढ़ने के साथ रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता में गिरावट आती है। इस कारण जल जनित रोगों के अलावा अन्य बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
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-डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।
मलबे से टूटी छीड़ापानी पेयजल लाइन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बारहमासी सड़क के मलबे ने चंपावत में छीड़ापानी की पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। लाइन के टूटने से यहां से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कराई जा रही है। एक दिन के भीतर पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
छतार क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट
चंपावत। जिला मुख्यालय के छतार वार्ड में बीते तीन दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। जल संस्थान की पेयजल लाइन में खराबी आने के कारण सड़क के नीचे हिस्से में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
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जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत ने कहा कि ललुवापानी स्रोत से होने वाली पेयजल आपूर्ति की फिल्टरेशन की व्यवस्था बेहद पुरानी है। अलबत्ता टैंक में क्लोरीनेशन की पुख्ता व्यवस्था है। पानी के साथ निकला कीड़ा बेहद महीन है। आगे से ऐसा न हो, इसके लिए विभागीय कर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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गंदे पानी या पेयजल लाइन में कीड़े निकलने से हैजा, पीलिया का खतरा बढ़ने के साथ रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता में गिरावट आती है। इस कारण जल जनित रोगों के अलावा अन्य बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
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-डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।
मलबे से टूटी छीड़ापानी पेयजल लाइन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बारहमासी सड़क के मलबे ने चंपावत में छीड़ापानी की पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। लाइन के टूटने से यहां से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता किशोर पंत का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कराई जा रही है। एक दिन के भीतर पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
छतार क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट
चंपावत। जिला मुख्यालय के छतार वार्ड में बीते तीन दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। जल संस्थान की पेयजल लाइन में खराबी आने के कारण सड़क के नीचे हिस्से में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।